डिंडौरी जिले के जोगी टिकरिया मिड वे ट्रीट परिसर में शुक्रवार को एक दिवसीय उद्यमी कार्यशाला लगी। इसका आयोजन मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम और जिला उद्योग एवं व्यापार विभाग ने किया। इसमें कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और प्रबंधक राधिका कुशरे ने युवा उद्यमियों को उद्योग शुरू करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उद्यमियों की क्षमता बढ़ाने पर दिया जोर कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर के उद्यमियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, गुणवत्ता सुधारना और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना था। लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव ज्ञानेश शर्मा ने आधुनिक प्रबंधन, उत्पादकता बढ़ाने, मानकीकरण और प्रक्रिया सुधार पर विशेष ध्यान देने की बात कही। कलेक्टर ने दिए उद्योग लगाने के सुझाव कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कृषि और हस्तशिल्प से जुड़े उद्योग लगाने पर जोर दिया। उन्होंने मशरूम, गोंडी पेंटिंग, शहद, साड़ी-दुपट्टा डिजाइन और मिलेट्स उत्पादों के उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि इससे एक बड़ा बाजार तैयार होगा और स्थानीय व्यवसाय बढ़ेंगे। कलेक्टर ने स्थानीय व्यापारियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत शैक्षणिक संस्थानों में उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। अधिकारियों ने उद्यमियों को जमीन और वित्त संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का आश्वासन भी दिया।


