जालंधर| हंस राज महिला महाविद्यालय की फ्रायडियन साइकोलॉजिकल सोसायटी की ओर से डिकोडिंग इमोशन्स शीर्षक पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। साइकोलॉजी विभागाध्यक्षा डॉ. आशमीन कौर ने उनका स्वागत किया। हर्षिता पॉल ने सत्र की शुरुआत एक कहानी से की, जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि विभिन्न मस्तिष्क संरचनाएं भावनात्मक रेगुलेशन में कैसे योगदान करती हैं। वर्कशाप में छात्राओं को उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को समझने में मदद करने के लिए कई इंटरेक्टिव गतिविधियां शामिल थीं। प्राचार्या प्रो. डॉ. अजय सरीन ने भावनाओं के प्रति जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला। वर्कशाप का संचालन सहजप्रीत कौर और यागीमा साहनी ने किया और प्रिया सेठ ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर नंदिता शर्मा, ईशमनप्रीत कौर और गुरप्रीत भी शामिल थीं।


