शाजापुर के शुजालपुर सरकारी अस्पताल की लेडी डॉक्टर ने डिलीवरी के लिए 12 हजार रुपए मांगे। प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन करने की बात भी कही। गर्भवती महिला के पिता का आरोप है कि आठ हजार रुपए वह दे चुका था। 4 हजार रुपए नहीं दिए, तो टांके काटने से मना कर दिया। आखिर में शख्स ने डॉक्टर की असिस्टेंट से मोबाइल पर बात रिकॉर्ड कर ली। शुजालपुर के रमेश पाटीदार ने बताया कि उनकी बेटी मनीषा की डिलीवरी 18 सितंबर को सरकारी अस्पताल में हुई। उसने ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया। पाटीदार का आरोप है कि अस्पताल में प्रसूति विभाग की लेडी डॉक्टर आभा जैन के निजी क्लिनिक पर आठ हजार रुपए लिए। बेटी के पास कॉल आया- हम करा देंगे डिलीवरी
रमेश पाटीदार ने बताया कि शुरुआत से बेटी का इलाज डॉक्टर आभा जैन के पास सरकारी अस्पताल में चल रहा था। कुछ हफ्ते पहले ही प्राइवेट अस्पताल से बेटी के पास फोन आया कि आपकी डिलीवरी हम करवा देंगे। खर्च 40 से 50 हजार रुपए आएगा। रुपए नहीं होने से मैंने और परिवार ने मना कर दिया। अब सवाल है कि प्राइवेट डॉक्टर के पास बेटी का फोन नंबर कैसे आया। सरकारी अस्पताल में डिलीवरी, रुपए निजी क्लिनिक पर लिए
रमेश पाटीदार ने बताया कि डॉ. आभा जैन ने कुछ सप्ताह पहले प्राइवेट क्लिनिक जाने की सलाह दी। खर्च ज्यादा आने पर मैंने मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने प्राइवेट क्लिनिक पर बुलाया। कहा- आपकी बेटी का ऑपरेशन करना पड़ेगा। 18 सितंबर को मनीषा का सरकारी अस्पताल में सीजेरियन हुआ। 21 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद भी 22 सितंबर की शाम फिर डॉक्टर की असिस्टेंट ने फोन कर कहा कि मैडम से जो वादा किया था, वह रुपए भेज दीजिए। पिता ने कर्ज लेकर दिए रुपए, वीडियो भी बनाया
रमेश पाटीदार ने आठ हजार रुपए कर्ज लिया। इसके बाद 23 सितंबर को डॉक्टर के क्लिनिक पर जाकर रुपए असिस्टेंट के हाथ में दिए। पहले 5 हजार और 20 मिनट बाद 3 हजार रुपए। पूरे लेन-देन का उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि बची हुई रकम टांके काटने के दौरान दे देंगे। डॉ. आभा जैन ने सारे आरोपों को झूठा बताया
शुजालपुर सरकारी अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. आभा जैन ने आरोपों को झूठा बताया। जबकि वीडियो में वह और उनकी असिस्टेंट निजी क्लिनिक पर रुपए लेते साफ नजर आ रहे हैं। अभी इस मामले में शिकायत नहीं होने की बात सामने आई है।


