डीईओ के 50% पदों पर सीधी भर्तीसे प्रधानाचार्यों को होगा नुकसान

भास्कर नॉलेज 27 साल पहले बनाया सीधी भर्ती कानियम, नहीं भरे गए सभी पद27 साल पहले 1 अप्रैल 1998 में नियमों मेंसंशोधन कर जिला शिक्षा अधिकारियों के 50% पदोंपर सीधी भर्ती का प्रावधान किया गया। लेकिनलगभग 10 वर्षों तक सीधी भर्ती नहीं हो सकी। ऐसेमें डीईओ के आधे से अधिक पद खाली ही रहते थे।बाद में राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन कर शतप्रतिशत पदों को डीपीसी से भरने का प्रावधान किया। शिक्षा मंत्री के मौखिक निर्देश के बाद शिक्षाविभाग में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) केपदों पर सीधी भर्ती की चर्चा शुरू हो गई है।हालांकि डीईओ पदों पर सीधी भर्ती का प्रावधान करने के लिए राज्य सरकार को पहले नियमों में बदलाव करना होगा। वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारियों के शत- प्रतिशत पद प्रमोशन से हीभरे जा रहे हैं। ‌उधर, यदि राज्य सरकार की ओरसे जिला शिक्षा अधिकारियों के 50% पदों परसीधी भर्ती और 50% पदों पर प्रमोशन का नियमलागू किया जाता है तो इससे प्रिंसिपल कोनुकसान होगा। वर्तमान में कार्यरत प्रिंसिपलों कोडीईओ बनने में अधिक समय लगेगा। राजस्थानशिक्षा सेवा परिषद (रेसा) की प्रदेश महामंत्रीमनीष कस्वां ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेज करडीईओ की सीधी भर्ती का विरोध किया है। ज्ञापनमें बताया गया है कि शिक्षा विभाग में वर्तमान मेंव्याख्याता से ऊपर के पद प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल सहित सभी पद प्रमोशन से ही भरने का प्रावधान है। प्रिंसिपल व वाइस प्रिंसिपल पदों परभी सीधी भर्ती नहीं की जा रही है। शिक्षा विभागको युवा अधिकारी मिल सके इसलिए शिक्षकसंघ रेसा ने प्राचार्य और वाइस प्रिंसिपल पदों पर सीधी भर्ती का समर्थन किया है। जबकि डीईओकी सीधी भर्ती का विरोध किया गया है। ^संगठन डीईओ की सीधी भर्ती का विरोध करता है।प्राचार्य और वाइस प्रिंसिपल पदों पर सीधी भर्ती तथाडीईओ के शत प्रतिशत पदों को पूर्व की तरह भरनेके संबंध में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है।मनीष कस्वां, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षा सेवापरिषद (रेसा) शिक्षा विभाग में डीईओ के526 पद स्वीकृतशिक्षा विभाग में वर्तमान में डीईओ के 526स्वीकृत है। लेकिन अभी नई बनी पंचायतसमितियों में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केनए पद स्वीकृत होंगे साथ ही माध्यमिक शिक्षानिदेशालय एवं शिक्षा संकुल जयपुर में भीअनेक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यरत है।वर्तमान में लगभग 100 पद रिक्त चल रहे हैं।

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