छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं देने के विरोध में अभ्यर्थी 24 दिसंबर 2025 से रायपुर के तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। लगातार छह दिनों से अनशन पर बैठे रहने के कारण 25 से 30 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई है वहीं आधा दर्जन से ज्यादा एडमिट हैं। कैंडिडेट्स का कहना है कि इसके बावजूद अब तक शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। देखिए तस्वीरें.. क्या है पूरा मामला मार्च 2023 में राज्य सरकार ने सहायक शिक्षक के 6285 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें डीएड और बीएड दोनों को प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र कर दिया गया। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। न्यायालय के स्पष्ट आदेश सरकार पर लापरवाही के आरोप दिसंबर 2024 में केवल 2621 बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त किया गया। इसके बाद विभाग ने मेरिट सूची रिअरेंज किए बिना पांचवें चरण की काउंसलिंग कर दी। परिणामस्वरूप: इसके बावजूद करीब 2300 पद रिक्त रहने के बाद भी विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं की। हाईकोर्ट का फिर आदेश डीएड अभ्यर्थियों ने दोबारा हाईकोर्ट का रुख किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि तीन बार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गई, जिससे भविष्य अंधकारमय होता देख वे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हुए। अभ्यर्थियों की मांग चेतावनी अभ्यर्थियों ने कहा है कि यदि जल्द ही न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की होगी। उन्होंने आंदोलन को संवैधानिक, शांतिपूर्ण और न्याय आधारित बताया है।


