रांची| डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में अधिकारियों द्वारा पदमुक्ति के बाद भी विश्वविद्यालय की गाड़ी (कार) का उपयोग करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ताजा मामले में पूर्व फाइनेंस ऑफिसर आनंद मिश्र ने कार्यकाल समाप्त होने के 5 दिन बाद विश्वविद्यालय की गाड़ी वापस की। इससे पहले पूर्व परीक्षा नियंत्रक आशीष गुप्ता ने भी अपना कार्यकाल समाप्त होने के एक सप्ताह बाद तक यूनिवर्सिटी वाहन का उपयोग करते रहे थे। नियम के अनुसार, जैसे ही कार्यकाल समाप्त होता है, अधिकारी को विश्वविद्यालय की गाड़ी और अन्य संसाधन तुरंत लौटा देने होते हैं। लेकिन दोनों मामलों में इस नियम की खुली अनदेखी हुई है। फाइनेंस अफसर का कार्यकाल 28 नवंबर को समाप्त हुआ था, लेकिन कार उन्होंने बुधवार को वापस की है। उनके ड्राइवर ने बताया कार की चाबी उन्होंने ले ली थी। यूनिवर्सिटी के कई शिक्षकों ने मांगकी है कि दुरुपयोग करने वाले पूर्व अधिकारियों पर फाइन लगाया जाना चाहिए। आगे ऐसी घटनाओं पर कड़ी +


