डीग में मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और योजना को कमजोर करने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कामां रोड स्थित धर्मशाला में धरना दिया। इसके बाद शांति मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सीधे कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने की बात कहकर असंतोष भी व्यक्त किया। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व प्रधान जलीश खान ने कहा कि यूपीए सरकार ने देश के अंतिम व्यक्ति तक रोजगार पहुंचाने के उद्देश्य से मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना लागू की थी। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर रोजगार गारंटी खत्म करने और महात्मा गांधी का नाम योजना से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। खान ने जोर देकर कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को समाप्त नहीं किया जा सकता और कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा व रोजगार गारंटी के लिए संघर्ष जारी रखेगी। धरने को जिला पार्षद मोहन सिंह, जिला पार्षद कुंवर गोरधन सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष रघुवीर सिंह, सुगड़ सिंह, विधि प्रकोष्ठ के अशोक कुमार शर्मा और शैक्षिक प्रकोष्ठ के रामस्वरूप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा (नाहरोली), पहाड़ी ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, राकेश मानोता, रवि पंडित, रवि सोनी, पूरन सिंह बडेसरा, दीपु सिंह, प्रेम सिंह, पूर्व चेयरमैन महेंद्र सिंह जाटव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


