डीग में महिला को जिंदा जलाया:पुलिस से ग्रामीणों ने मारपीट की; वर्दी फाड़ी, पति पर हत्या का आरोप

डीग में एक महिला की उपले के ढेर (बिटोरा) में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अधजले शव को श्मशान घाट में जलाने के लिए ले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनको रोक दिया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों से मारपीट की, उनकी वर्दी फाड़ दी। मारपीट की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त जाब्ता भेजा गया। इसके बाद अधिकारियों ने शव को चिता से उठाकर डीग जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना के बाद मृतका के ससुराल वाले और ग्रामीण घर छोड़कर फरार हो गए। हॉस्पिटल पहुंचे मृतका के पिता, भाई व अन्य परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। पीहर वालों ने मृतका के पति और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है। मामला खोह थाना इलाके के काकड़ा गांव का मंगलवार दोपहर 12 बजे का है। घटना की 3 तस्वीरें खोह थानाधिकारी महेंद्र शर्मा ने बताया- काकड़ा गांव निवासी अशोक कुमार गांव में ही खेती करता है। उसकी शादी नगर के पास स्थित रोनिजा की रहने वाली सरला (42) से 2005 में हुई थी। दंपती का कोई बच्चा नहीं था। हमें सूचना मिली कि सरला को घर के पास बने बिटोरा में जिंदा जलाने के बाद अधजले शव को श्मशान ले जाया जा रहा है। इस पर चार-पांच पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया और गांव में नहीं घुसने दिया। पुलिस जैसे-तैसे करके श्मशान तक पहुंची तो ग्रामीण शव को चिता पर रखकर जलाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने जलाने से रोका तो मारपीट की पुलिस ने उनको रोका और शव को उठाकर डीग अस्पताल ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट। उनकी वर्दी फाड़ दी। किसी तरह पुलिसकर्मी जान बचाकर मौके से भागे और उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी। इसके बाद एडिशनल एसपी अखिलेश शर्मा और एसओ मनीष गुर्जर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतका के शव को श्मशान से उठवाकर डीग अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। काकड़ा गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। महिला की हत्या के कारणों की जांच की जा रही है। भाई ने दर्ज कराया हत्या का मामला खोह थानाधिकारी महेंद्र शर्मा ने बताया- सरला के भाई विक्रांत ने खोह थाने में उसके पति अशोक, ससुर सुखबीर सिंह, सास राजवती, देवर त्रिलोक, राजू, देवरानी पूजा पत्नी राजू और पूनम पत्नी मुकेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया- मेरी बहन सरला और कृष्णा की शादी 2005 में काकड़ा निवासी अशोक और उसके छोटे भाई त्रिलोक के साथ हुई थी। सरला के 3 साल तक बच्चे नहीं होने पर उसके ससुराल वाले सरला को आए दिन प्रताड़ित और मारपीट करते थे। इसके बाद हमने कई बार उन्हें गांव जाकर समझाया, लेकिन कुछ दिन तक ठीक रहते थे उसके बाद फिर वही मारपीट शुरू कर देते थे। आज उन्होंने मेरी बहन को गोबर से बने बिटोरा में जला दिया और दहा संस्कार करने लग गए। हमें इस बात का पता लगा तब हम काकड़ा के लिए पहुंचे, उससे पहले मेरी बहन के शव पुलिस डीग अस्पताल ले गई थी । मृतक सरला के दो भाई और तीन बहन हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *