डीग-गोवर्धन मार्ग पर रविवार दोपहर गौ सेवकों ने मृत गोवंश को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। यह प्रदर्शन नगर परिषद पर मृत गौवंशों को कचरे के ढेर में फेंकने के आरोप को लेकर किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घंटों की समझाइश के बाद जाम खुलवाया। गौ सेवकों का आरोप है कि नगर परिषद के कर्मचारी आए दिन मृत गोवंश को कचरे के ढेर में डाल देते हैं, जिससे आवारा कुत्ते उन्हें खाने लगते हैं। इस लापरवाही के विरोध में गौ सेवकों ने मृत गोवंश को सड़क पर रखकर घंटों प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। डीग कोतवाली के एसआई मंगतू राम ने बताया कि उन्हें गोवर्धन रोड पर जाम की सूचना मिली थी। पुलिस ने गौ सेवकों से बातचीत की और उनकी मांगें सुनीं। गौ सेवकों ने मांग की कि नगर परिषद कर्मचारी भविष्य में मृत गौवंशों को कचरे के ढेर में नहीं डालेंगे। नगर परिषद कर्मचारियों ने गौ सेवकों की सभी मांगें मान लीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब भी उन्हें सूचित किया जाएगा, वे मृत गोवंश को दफनाने के लिए तत्काल पर्याप्त साधन उपलब्ध कराएंगे। पुलिस की लंबी समझाइश के बाद गौ सेवकों ने जाम खोल दिया। इसके बाद नगर परिषद की जेसीबी द्वारा गड्ढा खुदवाकर मृत गोवंश को दफनाया गया। इस मौके पर गौ सेवक गोरक्षक शंकरा, एडवोकेट मिथुन सिंह, गोविंद शर्मा, निशांत, सचिन, रवि, दीपक, ऋतिक, नवीन, भंवर दुआ और कान्हा सहित कई अन्य गौ सेवक मौजूद रहे।


