कोटा पहुंचे राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने पुलिस लाइन का निरीक्षण करते हुए कानून-व्यवस्था, पुलिस कल्याण और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। उनके साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस हवा सिंह घुमरिया भी मौजूद रहे। डीजीपी ने पुलिस लाइन परिसर में विकसित किए गए गार्डन, ओपन जिम और अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया तथा पुलिस परिवारों से संवाद कर क्वार्टरों की साफ-सफाई व मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सुनी गईं। डीजीपी ने कहा कि कोटा शिक्षा की नगरी है और यहां तैनात पुलिसकर्मियों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके बाद डीजीपी ने पुलिस लाइन में नई लाइब्रेरी का उद्घाटन किया और कोटा, बूंदी व झालावाड़ जिलों की संयुक्त प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। प्रदर्शनी में कोटा पुलिस द्वारा सामने आए विभिन्न मामलों, अपराधों की प्रकृति और उन पर की गई कार्रवाई को दर्शाया गया। साथ ही नए कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। अलग-अलग पुलिस अधीक्षकों द्वारा मादक पदार्थ, साइबर क्राइम और जनसमस्याओं से जुड़े स्टॉल लगाए गए, ताकि आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके। साइबर अपराध अलर्ट करने वाली सामाजिक संस्था के स्टॉल पर स्कूली बच्चों से साइबर अपराध रोकथाम को लेकर जानकारी ली। डीजीपी राजीव शर्मा ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी निष्पक्ष, निडर और सख्ती से कार्य करें, ताकि अपराधियों को यह संदेश जाए कि उन्हें पनपने नहीं दिया जाएगा।
चाकूबाजी की घटनाओं पर डीजीपी ने कहा कि सभी मामलों की समीक्षा कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अपराध में नाबालिगों का इस्तेमाल किया गया तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ सरकार के निर्देशों के तहत लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।


