धार जिले के रिंगनोद ग्राम के मालपुरिया लिमडीपाड़ा में गुरुवार शाम ‘मिशन डी-4’ के तहत एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस सभा का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण और समाज को सशक्त बनाना था। इसमें रिंगनोद चौकी प्रभारी जीएस भयडिया और जिला समन्वयक दिलीप मछार विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में दहेज प्रथा, डीजे, शराब और धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि क्षेत्र में दहेज को न्यूनतम स्तर पर रखा जाएगा, जबकि डीजे, शराब और धर्मांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा। इसके अतिरिक्त, नुक्ता घाटे में होने वाले अनावश्यक खर्चों को समाप्त कर प्रतीकात्मक रूप से एक बकरे की परंपरा अपनाने का भी फैसला किया गया, जिससे लाखों रुपए की बचत हो सकेगी। चौकी प्रभारी जीएस भयडिया ने बताया कि दहेज, शराब और डीजे जैसी सामाजिक बुराइयां आर्थिक बोझ बढ़ाती हैं और सामाजिक तनाव पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें नियंत्रित करने से परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। इस अवसर पर जिला समन्वयक दिलीप मछार ने कहा कि शादियों में अनावश्यक खर्च और नशे पर रोक लगाने से गरीब परिवार कर्ज से बचेंगे और आदिवासी समाज का अन्य राज्यों में पलायन भी रुकेगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी पूर्वजों की संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रधान आरक्षक मेहरसिंह बड़ोले ने ग्रामीणों को कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। बैठक में उपस्थित महिला-पुरुषों ने सभी प्रस्तावों का एकमत होकर समर्थन किया। ग्राम सभा में आरक्षक शिव, ग्राम तड़वी अर्जुन मेडा, मडिया मौरी, दलपत पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


