भास्कर न्यूज | फाजिल्का डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डी.टी.एफ.) पंजाब की प्रांतीय कमेटी ने मोगा में प्रांतीय प्रधान विक्रम देव सिंह के नेतृत्व में बैठक की। बैठक में स्कूल शिक्षा की मौजूदा स्थिति को चिंताजनक बताते हुए 8 अप्रैल को चंडीगढ़ में प्रांतीय कन्वेंशन कर मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। महासचिव महिंदर कौड़ियांवाली ने बताया कि प्रमुख मांगों में राज्य की वैज्ञानिक शिक्षा नीति तैयार करने, निजीकरण व केंद्रीकरण पर रोक लगाने, शिक्षा को समवर्ती सूची से हटाकर राज्य सूची में दर्ज करवाने और स्कूल शिक्षा निदेशकों के पद पंजाब शिक्षा कैडर से भरने की मांग शामिल है। बैठक में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन का पद भरने, मिडिल स्कूलों को बंद करने की घोषणा वापस लेने तथा सरकारी स्कूलों में रिक्तियां पदोन्नति और सीधी भर्ती भरने की मांग भी उठी। शिक्षकों के लंबित मुद्दों जैसे कि नरिंदर भंडारी व रविंदर कम्बोज के नियमित आदेश, ओडीएल शिक्षकों के नियमितीकरण, हिंदी शिक्षकों के आदेश जारी करवाने, पी.टी.आई. और आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षकों के वेतन कटौती के पत्र रद्द करवाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक में बजट सत्र के दौरान कर्मचारियों व पेंशनर्स के समर्थन में डेमोक्रेटिक एम्प्लॉयज फेडरेशन के बैनर तले भागीदारी करने का फैसला लिया गया। इस मौके पर प्रांतीय वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी, वरिष्ठ उपप्रधान राजीव बरनाला, गुरप्यार कोटली, बंत सिंह फुलेवाल, जगपाल बंगी, रघबीर भवानीगढ़, संयुक्त सचिव कुलविंदर जोशन, प्रेस सचिव पवन मुक्तसर, गुरविंदर सिंह (फाजिल्का) सहित अन्य जिलों के नेता उपस्थित थे।


