डीडवाना में केंद्र सरकार की नीतियों और जनविरोधी कानूनों के विरोध में किसान संयुक्त मोर्चा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इसके तहत शुक्रवार 16 जनवरी को डीडवाना जिला मुख्यालय पर ‘प्रतिरोध दिवस’ मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विवादित कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। एसएफआई के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश गोदारा ने बताया कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा किसानों और मजदूरों पर थोपे जा रहे कानूनों को वापस करवाना है। प्रदर्शन के दौरान बीज विधेयक–2025 और बिजली विधेयक–2025 को वापस लेने, नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) को रद्द करने तथा मनरेगा को पूर्ण रूप से प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। किसान और मजदूर बुलंद करेंगे आवाज
गोदारा ने यह भी बताया कि 16 जनवरी को डीडवाना क्षेत्र के सभी गांवों से बड़ी संख्या में किसान और मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। इस बीच अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी की एक विस्तारित बैठक बलदेवराम मिर्धा विश्राम गृह में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पर्यवेक्षक कॉमरेड हरफूल सिंह की उपस्थिति में सदस्यता अभियान की समीक्षा भी की गई। तहसील और जिला स्तरीय सम्मेलन करने का फैसला
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही तहसील एवं जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। किसान सभा के नेताओं ने कहा कि वर्तमान में मनरेगा सहित अन्य जनहित के मुद्दों पर आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके विरोध में आने वाले समय में व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला कमेटी के प्रमुख पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लिया और गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित करने का संकल्प लिया।


