डीडवाना कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने एक प्रेस वार्ता में जिले में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों की सुचारु स्थापना और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर भूमि का आवंटन किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि हाल ही में पुलिस लाइन, शूटिंग रेंज और कई पुलिस थानों के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई है। इस बार आवंटन के साथ ही रजिस्ट्री भी तुरंत करवाई जा रही है, जिससे विभागों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगभग 8 से 10 विभागों के पास निर्माण के लिए बजट उपलब्ध है और अगले एक-दो महीनों में उनके कार्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। डॉ. खड़गावत ने जोर देकर कहा कि जिले के चहुंमुखी विकास को सुनिश्चित करने के लिए भूमि आवंटन चारों दिशाओं में संतुलित तरीके से किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी को भी गलत तरीके से लाभ न मिल सके। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिले में अब तक 900 से अधिक सरकारी स्कूलों को भूमि पट्टे जारी किए जा चुके हैं। जिले में लगभग 1300 स्कूल हैं, जिनमें से कई दशकों पुराने होने के बावजूद उनके पास पट्टा नहीं था। इस कारण वे कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। कलेक्टर ने बताया कि अब स्कूलों को स्वामित्व मिलने से वे विकास कार्यों और योजनाओं का लाभ अधिकारपूर्वक ले सकेंगे। खेल मैदानों और नई स्कूलों के लिए भी भूमि आवंटन जारी है। धरना-प्रदर्शनों के संदर्भ में, कलेक्टर ने कस्टोडियन भूमि विवाद पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में राज्य सरकार ने जिले की समस्त कस्टोडियन भूमि को ‘सिवाय चक’ घोषित किया था, जिसके आदेश सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।


