चूरू के डीबी अस्पताल में कार्यरत वार्ड बॉय और वार्ड लेडीज को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। जयपुर स्थित एक एनजीओ पर यह वेतन रोकने का आरोप है, जबकि अस्पताल प्रशासन ने एनजीओ को भुगतान कर दिया था। वेतन नहीं मिलने से परेशान कर्मचारियों ने विधायक हरलाल सहारण और जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा से मिलकर शिकायत की और ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि एनजीओ संचालक ने पहले वेतन देने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। कर्मचारियों ने बताया कि वे अगस्त 2024 में जयपुर की ‘कियारा माइक्रो हेल्प फाउंडेशन’ के माध्यम से डीबी अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में नियुक्त हुए थे। उन्हें मार्च 2025 तक वेतन मिला, लेकिन अप्रैल से अगस्त 2025 तक का वेतन बिना किसी कारण रोक दिया गया। एनजीओ का कार्यकाल अगस्त 2025 में समाप्त हो गया था। वार्ड बॉयज ने यह भी बताया कि एनजीओ संचालक ने जनवरी 2025 से अगस्त 2025 तक का उनका पीएफ (प्रोविडेंट फंड) भी जमा नहीं कराया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पहले से ही कम वेतन पर काम कर रहे हैं, और वेतन नहीं मिलने से उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने बताया कि उन्होंने वार्ड बॉय के वेतन के संबंध में श्रमिक विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही, एनजीओ संचालक को भी वेतन जारी करने के लिए पत्र भेजा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो एनजीओ को ब्लैकलिस्ट करने के लिए राज्य सरकार और राजमेस को लिखा जाएगा। दूसरी ओर विधायक सहारण और जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने भी मामले में उच्च स्तर पर बात करने का आश्वासन दिया है। जिन कर्मचारियों का वेतन रोका गया है उनमें राहुल शर्मा, शबनम, सुमन प्रजापत, संदीप, नीतू, उत्तम, संतोष देवी, आदिल, देवी और रेखा शामिल हैं।


