भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह डीसी के वाहन चालक हीरालाल वर्मा की गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। 38 वर्षीय हीरालाल की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी कंचन देवी अपनी पांच बेटियों को लेकर उपायुक्त के गोपनीय कार्यालय पहुंची। मृतक के चचेरे भाई वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बुधवार रात 10:30 बजे हीरालाल डीसी गोपनीय कार्यालय में गाड़ी खड़ी कर बाइक से अपने आवास जा रहे थे। इसी दौरान एक पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हीरालाल गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देख प्राथमिक इलाज के बाद धनबाद रेफर कर दिया। परिजन उन्हें धनबाद ले गए, जहां डॉक्टरों ने गुरुवार को दुर्गापुर मिशन अस्पताल रेफर कर दिया। धनबाद से दुर्गापुर ले जाते समय रास्ते में हीरालाल ने दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह लाया गया। मृतक की पत्नी कंचन देवी ने बताया कि सास-ससुर पहले ही गुजर चुके हैं। पति ही परिवार के एकमात्र सहारा थे। वे आउटसोर्सिंग कंपनी के जरिए डीसी कार्यालय में चालक के पद पर कार्यरत थे। पिछले 10 वर्षों से डीसी की गाड़ी चला रहे थे। कंपनी से उन्हें 14 हजार रुपए वेतन मिलता था। अब पांच बेटियों का पालन-पोषण कैसे होगा, यह सोचकर वह बेहाल हैं। समाचार लिखे जाने तक शव डीसी गोपनीय कार्यालय परिसर में एंबुलेंस में पड़ा था।


