भास्कर न्यूज | सरायकेला जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा को लेकर मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के बाद स्वर्णरेखा व खरकई नदियों सहित जिले के विभिन्न जलाशयों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। संभावित आपदा की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है और समुचित प्रबंधन व सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत द्वारा शनिवार को आदित्यपुर, गम्हरिया, आरआईटी व गाजिया बराज सहित विभिन्न तटीय व डूब क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को जनसुरक्षा, त्वरित आपदा प्रतिक्रिया व राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान किया गया। उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी व अंचलाधिकारी, विशेष रूप से तटीय और डूब क्षेत्र वाले क्षेत्रों में जलाशयों से जल छोड़े जाने की संभावित स्थिति को देखते हुए निरंतर निगरानी व सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी करें तथा जलभराव या जोखिम की स्थिति में उन्हें आवश्यकतानुसार बंद अथवा स्थानांतरित करने की योजना बनाएं। मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण विकास विभाग के कार्मिकों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जनसम्पर्क, सूचनाओं के प्रचार व राहत कार्यों का समुचित निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देशित किया गया है कि जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी व सावधानी संबंधी संदेशों का प्रचार-प्रसार माइकिंग, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से करें। उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जो 24 घंटे व सातों दिन एक्टिव रहेंगे।


