डूंगरपुर मनरेगा में 280 करोड़ का बजट बकाया:3 साल से सामग्री मद, मेट-कारीगरों का भुगतान अटका

डूंगरपुर जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में बजट एक बड़ी बाधा बन गया है। जिले में सामग्री मद के तहत पिछले तीन साल से लगभग 280 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है। इसके अतिरिक्त, मेट और कारीगरों का भी करीब डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान एक साल से लंबित है। इस समस्या के समाधान के लिए पहले सरपंचों और फिर प्रशासकों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन तक आवाज पहुंचाई गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बांसवाड़ा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने इस बकाया बजट को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। डूंगरपुर जिले के गरीब लोगों के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना एक संजीवनी के समान है। पिछले वित्तीय वर्ष में, 100 दिन का रोजगार पूरा करवाने में डूंगरपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा था, जहां 62 हजार से अधिक नरेगा श्रमिकों ने 100 दिन का काम पूरा किया। हालांकि, रोजगार रूपी इस संजीवनी के सफल क्रियान्वयन में बजट की कमी बड़ी बाधा साबित हो रही है। जिले में न केवल नरेगा श्रमिकों को समय पर रोजगार नहीं मिल पा रहा है, बल्कि मेट और कारीगरों को भी पिछले एक साल से उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *