डूंगरपुर में कलेक्ट्रेट का घेराव, योजनाकर्मियों ने किया प्रदर्शन:15 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

डूंगरपुर जिले में सीटू और विभिन्न राष्ट्रीय फेडरेशनों के बैनर तले योजना कर्मियों ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें न्यूनतम मजदूरी और नियमितीकरण सहित विभिन्न लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की गई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। सीटू और विभिन्न राष्ट्रीय फेडरेशनों के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, मिड—डे मील वर्कर और राजीविका कार्यकर्ता सहित कई योजनाकर्मी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया और प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी भी की। धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और कुक कम हेल्पर जैसे योजनाकर्मी पिछले कई वर्षों से 8 से 12 घंटे तक काम कर रहे हैं। हालांकि, सरकार उन्हें कर्मचारी मानने के बजाय स्वयंसेवक मानती है और बहुत कम मानदेय देकर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण कर रही है। योजना कर्मियों ने सरकार से मांग की है कि बजट 2026-27 में उनके नियमितीकरण, न्यूनतम मजदूरी और पेंशन के अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। यह उनकी प्रमुख मांगों में से एक है।
धरना प्रदर्शन के बाद, योजना कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी और नियमितीकरण सहित अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को केंद्र व राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

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