डूंगरपुर में कांग्रेस विधायक एवं जिला अध्यक्ष गणेश घोघरा मनरेगा योजना में रोजगार उपलब्ध कराने, बकाया भुगतान जारी करने और फसल खराबे का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से कलेक्ट्री के बाहर पड़ाव डालकर बैठे हुए हैं। ठिठुरन भरी सर्द रातों में भी विधायक अपने समर्थकों और क्षेत्रवासियों के साथ वहीं डटे हुए हैं। अंधेरा होते ही भजनों का दौर शुरू हो जाता है। ढोल, मंजीरा, तबला और तंबूरे की धुन पर लोग भजन कीर्तन करते हुए नाच-गाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। विधायक घोघरा भी तालियों के साथ भजन कीर्तन का आनंद लेते नजर आते हैं। माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना हुआ है। बातचीत विफल, प्रशासन बैरंग लौटा यह घोघरा का जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहला बड़ा पड़ाव है। 24 नवंबर को निकलने वाली रैली के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग कलेक्ट्री पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। पड़ाव के दूसरे दिन प्रशासनिक अधिकारियों की टीम वार्ता के लिए पहुंची, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी और टीम लौट गई। ये हैं मुख्य मांगें धरने स्थल पर दिनभर अलग-अलग गांवों से लोग पहुंच रहे हैं और विधायक की मांगों के समर्थन में जुड़ रहे हैं। रात में एक के बाद एक भजन मंडलियां पहुंचती हैं, जिससे धरने का माहौल जोश और भक्ति से भर जाता है। चौथे दिन भी जारी रहा धरना गुरुवार को धरने का चौथा दिन रहा और कांग्रेस का यह शांतिपूर्ण पड़ाव जारी है। अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।


