डूंगरपुर में भारतीय ट्रेड यूनियन सहित विभिन्न किसान और श्रमिक संगठनों के बैनर तले किसान, मजदूर, योजनाकर्मी और विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। शहर में रैली निकाली गई और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। भारतीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आज डूंगरपुर जिले के किसान, श्रमिक, योजनाकर्मी और विद्यार्थी संगठन के सदस्य शहर के बादल महल पर एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने एक विशाल रैली निकाली, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। संगठनों की प्रमुख मांगों में मनरेगा में काम शुरू करना, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार एमएसपी पर खरीद की गारंटी देना, फसल बीमा क्लेम जारी करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, नए श्रम कानूनों को वापस लेकर मजदूरों के पुराने कानूनों को बहाल करने, टीएसपी क्षेत्र में जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण लागू करने और प्रशासनिक सेवाओं में आदिवासियों के लिए अलग से 6.5% आरक्षण का प्रावधान करने की मांग भी की गई।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इसी दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। कुछ देर तक चले इस गतिरोध के बाद माहौल शांत हुआ और प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर केंद्र व राज्य सरकारों पर निशाना साधा। प्रदर्शन के समापन पर, विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।


