डूंगरपुर के ग्राम मेताली में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में पीपलादा, रामपुर, बियोला और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में एकजुटता का संदेश देना था। यह कार्यक्रम गांव के महादेव मंदिर मेताली के परिसर में आयोजित हुआ। इसमें विद्या भारती के क्षेत्रीय सचिव नारायण लाल भाई और लसूडिया धाम के गांधीपति विक्रमदास महाराज मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। नारायण लाल भाई ने अपने संबोधन में कहा कि भारत देश विविधता में एकता का प्रतीक है और इसे बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इतिहास की गलतियों का जिक्र करते हुए बताया कि जात-पात, भेदभाव और भाषाओं में बंटे रहने के कारण ही हम लंबे समय तक गुलाम रहे। उन्होंने सभी से इन गलतियों से सीख लेकर फिर से एकजुट होने का आह्वान किया। लसूडिया धाम के गांधीपति विक्रमदास महाराज ने भी समस्त सनातनियों को संबोधित करते हुए वर्तमान में एकता दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज जातियों में बंटा रहा, तो विधर्मी आकर हमें फिर से गुलाम बना सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में काजल देवी ने सभी मौजूद लोगों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद, छोटी-छोटी बालिकाओं ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। सम्मेलन की समाप्ति पर सभी प्रतिभागियों को महाप्रसाद का भोज कराया गया।


