गुरुवार को देर शाम हुई झमाझम बारिश के बाद हटिया डैम डेंजर जोन में पहुंच गया है। खतरा और अधिक बढ़ गया है। इधर जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आलोक भारती ने बताया कि विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पेयजल विभाग से बात करके शुक्रवार को इसे खोलने की तैयारी है। इसको लेकर कोलकाता से बेयरिंग शाफ्ट मंगाया गया है, मगर इसके आने में अभी देरी होगी। इसलिए दूसरे तरीके से कम-से-कम एक फीट पानी निकालने की तैयारी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आलोक भारती ने बताया कि डैम फुल होने की वजह से खोलने के क्रम में बेयरिंग सॉफ्ट टूट गया था। फाटक के ऊपर लगे पुलिंग नट जो कास्ट आयरन के लगे हुए हैं, वे भी स्लिप कर गए, जिसके कारण लोहे के रोप व्हील से फाटक को उठाया नहीं जा सका, बोल्ट भी टूट गए। अधीक्षण अभियंता आलोक भारती ने बताया कि चिंता की बात नहीं है। डैम को कोई खतरा नहीं है। अभी स्पिल-वे के नीचे पानी है, अगर बारिश होती है और जरूरत महसूस हुई तो हैक करके एक फाटक को खोला जाएगा और चार इंच तक पानी छोड़ा जाएगा। हम पूरी तरह से अलर्ट हैं। डैम में पानी का फुल लोड होने से टूटा बेयरिंग शाफ्ट एजेंसी के प्रतिनिधि जयशंकर सिंह बताया कि मरम्मत पूरा होने के बाद गेट खोलने का ट्रायल किया गया था, उस वक्त डैम में सिर्फ 3 फीट पानी था। गेट भी खुला। अब डैम फुल लोड में है। इसकी वजह से गेट खोलने के क्रम में बेयरिंग शाफ्ट टूट गया। दो वर्ष पहले ट्रायल किया गया था आलोक भारती ने बताया कि दो वर्ष पहले जब गेट की मरम्मत का काम हुआ था, तब गेट खोलने का ट्रायल किया गया था। उस वक्त डैम में तीन फीट पानी था। छह इंच तक गेट खोल कर टेस्टिंग की गयी थी। इसके बाद दो वर्षों तक कभी गेट खोलने की जरूरत नहीं पड़ी. खतरे के निशान पर पहुंचने के बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से मंगलवार को गेट खोलने को कहा गया, लेकिन जैसे ही गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू की गयी, बेयरिंग शाफ्ट टूट गया। पेयजल विभाग हटिया योजना के कार्यपालक अभियंता आनंद सिंह ने बताया कि अब तक कंपनी को विभाग की ओर से एनओसी प्रदान नहीं किया गया है. मरम्मत करनेवाली कंपनी का 30% भुगतान रोका खबर के मुताबिक, जब हटिया डैम में सिर्फ तीन फीट पानी था, तब गेट खोलने का ट्रायल करा कर मरम्मत का काम करनेवाली डालटनगंज की कंपनी मेसर्स मंगल सूर्या कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर लागत की लगभग 70 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया गया। इसकी मरम्मत दो वर्ष पहले 98 लाख की लागत से करायी गयी थी। अब तक कंपनी को इस एवज में 65 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इसको लेकर अधीक्षण अभियंता आलोक भारती ने बताया कि एग्रीमेंट के अनुसार अभी कंपनी का काम पूरा नहीं हुआ है। इसलिए लगभग 30 प्रतिशत राशि को रोक कर रखा गया है। गुरुवार को डैम का लेबल क्षमता : 39 फीट लेबल : 38.05


