मरु महोत्सव-2026 के तीसरे दिन शनिवार को सम-लखमणा के रेतीले धोरों पर लोक परंपरा, साहसिक खेल और सुरम्य संगीत का ऐसा संगम देखने को मिला। देशी-विदेशी पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। सुबह जहां ऊंटों के पैरों की धमक ने रोमांच भर दिया, वहीं शाम होते-होते सेलिब्रिटी गायक राज बर्मन की मखमली आवाज ने रेगिस्तान की खामोशी में सुरीली हलचल पैदा कर दी। 47 साल बाद पहली बार मरु महोत्सव का समापन खुहड़ी के रेतीले धोरों पर होगा। ऊंटों का नृत्य और दौड़ बना आकर्षण का केंद्र सम-लखमणा के धोरों पर कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में हुआ। सजे-धजे रेगिस्तान के जहाज (ऊंट) अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत करते नजर आए। महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण ऊंट दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसमें कुल 38 ऊंटों ने हिस्सा लिया। रेत के समंदर में फर्राटा भरते ऊंटों को देख दर्शकों की सांसें थम गईं। ऊंट दौड़ के विजेता प्रथम स्थान: हनीफ खान का ऊंट – ₹11,000 द्वितीय स्थान: अयूब खान का ऊंट – ₹7,500 तृतीय स्थान: कबीर का ऊंट – ₹5,100 विजेताओं को ट्रॉफी और प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। ऊंटों द्वारा प्रस्तुत करतब और लोकगीतों की धुन पर उनका नृत्य पर्यटकों के लिए यादगार बन गया। रस्सा-कसी में विदेशी पर्यटकों पर भारी पड़ीं मरुधरा की महिलाएं धोरों पर आयोजित रस्सा-कसी प्रतियोगिता में भारत बनाम विदेशी पर्यटकों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला। महिला वर्ग में भारतीय महिलाओं ने दमदार प्रदर्शन करते हुए विदेशी मेहमानों को मात दी, जिससे दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। इस दौरान पंजाबी ढोल वादकों की ऊर्जावान थाप ने माहौल को और जोशीला बना दिया। सांस्कृतिक संध्या में लोक से सूफी तक बिखरे रंग सूर्यास्त के बाद सम-लखमणा ड्यून्स पर भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत उगम दान एंड पार्टी द्वारा गुरु वंदना ‘वारी जाऊं रे… सतगुरु आंगन आया…’ से की गई। इसके बाद एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां सामने आईं – रमेश–पारस ने ‘बना रे बागा में झूला डालिया’ पर रिंग नृत्य से वाहवाही लूटी। मोती खान ने ‘केसरिया बालम’ और ‘घूमर’ से राजस्थानी मिट्टी की खुशबू बिखेरी। संगीता सपेरा के कालबेलिया नृत्य की चपलता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जलाल व अख्तर खान ने ‘धमा-धम मस्त कलंदर’ और ‘लाली मेरे लाल की’ जैसी सूफी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। राज बर्मन की आवाज पर देर रात तक झूमे पर्यटक रात ढलते ही मंच पर उतरे सेलिब्रिटी गायक राज बर्मन। उन्होंने ‘तेरे इश्क में’, ‘तू ही तू है खुदा’ और ‘हवाएं-हवाएं’ जैसे सुपरहिट बॉलीवुड गीतों से युवाओं और पर्यटकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। रेत पर थिरकती भीड़ ने मरु महोत्सव की भव्यता को और खास बना दिया। पर्यटन व्यवसायियों की मेहमान नवाजी ने जीता दिल सम कैम्प एंड रिसोर्ट वेलफेयर सोसायटी के प्रयासों से इस वर्ष मरु महोत्सव में पर्यटकों की रिकॉर्ड तोड़ उपस्थिति दर्ज की गई। सोसायटी के पदाधिकारी कैलाश व्यास, गुलाम कादर, उपेन्द्र सिंह राठौड़ और बबलू भाई ने अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी सक्षम गोयल, सहायक जिला कलेक्टर रोहित वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विजय बल्लानी ने किया। 1 फरवरी को खुहड़ी के मखमली धोरों पर होगा समापन पहली बार मरु महोत्सव का समापन माघ पूर्णिमा की धवल चांदनी रात में 1 फरवरी (रविवार) को खुहड़ी के रेतीले धोरों पर आयोजित किया जाएगा।
रात 8 बजे इंडियन आइडल फेम सेलिब्रिटी कलाकार पीयूष पंवार और बॉलीवुड के प्रसिद्ध लोक गायक मामे खान अपनी प्रस्तुतियों से राजस्थानी बैंड के साथ सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएंगे। इससे पूर्व, शाम 5 बजे खुहड़ी के धोरों पर कैमल रेस का आयोजन किया जाएगा, जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। — मरु महोत्सव की ये खबर भी पढ़ें … 2 मिनट में खाए आधा किलो लड्डू:83 लाख का सोना पहनकर पहुंचीं स्टूडेंट बनीं मिस मूमल;दाढ़ी-मूंछों के लिए खाना छोड़ने वाले मनीष मिस्टर डेजर्ट जैसलमेर में मरु महोत्सव के पहले दिन बीकानेर की बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट कुसुम पंवार (20) मिस मूमल बनीं। कुसुम 45 तोला गोल्ड ज्वेलरी (करीब 83 लाख रुपए) पहनकर पहुंची थीं। पूरी खबर पढ़िए


