भास्कर न्यूज | जालंधर दकोहा स्थित डेरा निर्मल तख्त बाबा बुड्ढा साहिब, आत्मदर्शी हरि मंदिर दकोहा, जालंधर छावनी में बसंत पंचमी के अवसर पर वर्तमान गद्दीनशीन बाबा अमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में आयोजित 75वां दो-दिवसीय वार्षिक सत्संग समागम कथा-कीर्तन दरबार के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने हर श्रद्धालु के हृदय को सराबोर कर दिया। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर, वर्तमान गद्दीनशीन बाबा अमनप्रीत सिंह जी के पावन सान्निध्य में आयोजित 75वां दो-दिवसीय वार्षिक सत्संग समागम कथा-कीर्तन और अरदास के साथ संपन्न हुआ। समागम के अंतिम दिन की शुरुआत अमृत वेले की पावन बेला में हुई। भाई इंद्रजीत सिंह जी के रागी जत्थे ने जब “आसा दी वार’ के मधुर स्वर छेड़े, तो पूरा वातावरण रूहानियत से भर गया। इसके उपरांत भाई ब्रह्मजोत सिंह, भाई फतेह सिंह, भाई गगनदीप सिंह लायलपुरी और भाई अमरजीत सिंह जैसे रागी जत्थों ने अपनी दिव्य आवाज में गुरबाणी कीर्तन के जरिए संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। प्रसिद्ध विद्वान और कथावाचक ज्ञानी गुरमीत सिंह ने न केवल मंच संचालन की जिम्मेदारी निभाई, बल्कि अपने ओजस्वी विचारों से संगत को गुरमत के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। समागम का सबसे भावुक और हृदयस्पर्शी दृश्य तब देखने को मिला, जब बाबा अमनप्रीत सिंह ने उन परिवारों के नवजात बच्चों का नामकरण किया, जो बाबा बुड्ढा साहिब जी के आशीर्वाद से फले-फूले हैं। बाबा जी ने अपने कर-कमलों से छोटे बच्चों के सिर पर “दस्तार’ (पगड़ी) सजाई। यह नजारा देख कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। बाबा जी ने सतगुरु के चरणों में अरदास की कि इन बच्चों का जीवन गुरसिक्खी सिद्धांतों और सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहे। सत्संग समागम में हाजिरी भरने और बाबा अमनप्रीत सिंह से आशीर्वाद लेने के लिए सेंट्रल इंचार्ज नितिन कोहली, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर बिट्टू, हल्का कैंट इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा, रजिंदर सिंह रीहल (डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट पंजाब), हरविंदर सिंह डल्ली रिटायर्ड एसएसपी, पंजाब खादी बोर्ड के चेयरमैन काकू आहलूवालिया, पवन हंस वाइस चेयरमैन, हल्का जालंधर सेंट्रल से पूर्व विधायक राजिंदर बेरी व अन्य मौजूद रहे।


