कुक्षी तहसील के ग्राम डेहरी में बिना डिग्रीधारी झोलाछाप डॉक्टर्स के अवैध दवाखानों पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुलिस दल के साथ जांच की। जांच के दौरान कोई भी दवाखाना संचालक डॉक्टर इलाज करने से संबंधित वैध और प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। जांच दल ने अनाधिकृत रूप से इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए पंचनामा बनाकर उच्च अधिकारियों को प्रेषित किए है । अवैध रूप से दवाखाना संचालन कर रहे कथित चिकित्सकों को अधिकृत प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन दिवस का समय दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के दल ने पुलिस के साथ ग्राम डेहरी में कुल 7 अवैध दवाखानों की जांच की । जांच की खबर फैलते ही तीन क्लिनिक संचालक दवा खाने की शटर बंद कर भाग गए । डेहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ कवीश्वर रावत ने बताया कि सीबीएमओ कार्यालय से गत माह बेरी में चल रहे अवैध दवाखानों के संचालकों को इलाज करने के लिए अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिए गए थे। लेकिन किसी भी डॉक्टर ने अपने अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया । सीबीएमओ डॉक्टर अभिषेक रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के दल ने पुलिस को साथ लेकर डेहरी में चल रहे अवैध दवाखाना की जांच की। तीन दवाखानों पर डॉक्टर मरीजों का उपचार करते हुए मरीजों को स्लाइन लगाते हुए पाए गए। कोई भी डॉक्टर इलाज करने के लिए अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया । जांच दल ने अनाधिकृत उपचार करने का पंचनामा बनाया है और विस्तृत रिपोर्ट सीबीएमओ और सीएमएचओ धार को कार्रवाई के लिए प्रस्तुत की जा रही है। सभी दवाखानों के संचालकों को तीन दिवस के अंदर अपने अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। सीबीएमओ कुक्षी , डॉ अभिषेक रावत ने बताया कि डेहरी में चल रहे अवैध दवाखाना के संचालकों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पूर्व में भी नोटिस दिए थे। उन्होंने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। इस पर अवैध क्लिनिको की जांच की गई है। कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी । झोलाछाप डॉक्टर कर रहे लोगों की जान से खिलवाड़ कुक्षी तहसील सभी गांवों में बड़े पैमाने पर झोलाछाप डॉक्टर अनधिकृत रूप से दवा खाने खोलकर बरसों से भोले भाले आदिवासी मरीजों का इलाज कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे है । गलत इलाज के चलते कई बार मरीजों की जान भी चली जाती है । दो माह पूर्व कुक्षी में इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र की झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के चलते मौत हो जाने की घटना भी हुई थी। सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र मिश्रा ने बताया की स्वास्थ्य विभाग क्षेत्र में चल रहे बड़े पैमाने पर झोलाछाप डॉक्टर के अवैध क्लिनिको पर कार्रवाई की मात्र औपचारिकता पूरी करता है। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की है। मात्र नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने के अलावा कुछ नहीं किया जाता ।


