डेह बाईपास पर बुधवार को केमिकल से भरा टैंकर बेकाबू होकर पलट गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों से दिखाई दे रही थीं। गनीमत रही कि हादसे में बाड़मेर निवासी चालक लुकमान सुरक्षित बच गया। आग पर करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया। दो दर्जन गांवों तक दिखी आग की लपटें बता दे कि यह टैंकर गुजरात के गांधीधाम से 30 टन ‘एमिके’ केमिकल लेकर सोनीपत, हरियाणा जा रहा था। बाईपास पर संतुलन बिगड़ने के कारण टैंकर पलटा और तुरंत आग का गोला बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही सरपालिया थाना टीम और हरिमा टोल प्लाजा की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से दोनों तरफ का यातायात रोक दिया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। 4 दमकलों ने पाया आग पर काबू आग बुझाने के लिए नगर परिषद नागौर की दमकलें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सबसे नजदीक होने के बावजूद जेएसडब्ल्यू सीमेंट कंपनी की दमकल सबसे देरी से पहुंची। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत और 4 दमकलों की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। मौके पर 6 एम्बुलेंस भी तैनात रहीं। हादसे की सूचना पर डेह तहसीलदार तेजपाल पारिक, बीसीएमओ रतनाराम बीडियासर, डेह सीआईसी टीम प्रशासक रणवीर सिंह उदावत, थानाधिकारी सुमन चौधरी सहित 108 चालक हरीराम बुडीया और 1033 चालक सुनील मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्यों का संचालन किया। फिलहाल रास्ते पर यातायात सुचारू कर दिया गया है।


