डॉ. हेमलता के लिए परेशानी बनी 50 करोड़ की प्रॉपर्टी:बहन कनकलता बोलीं-दो साल पहले ही प्रॉपर्टी गायत्री परिवार को देने का निर्णय हुआ,अपहरण की बात गलत

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की 50 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है। संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के चलते न सिर्फ कई लोगों की नजर इस प्रॉपर्टी पर है, बल्कि आरोप है कि डॉ. श्रीवास्तव का समुचित इलाज भी प्रभावित हो रहा है। विवाद की जानकारी मिलते ही राजस्थान से जबलपुर पहुंचीं डॉ. श्रीवास्तव की बहन कनकलता मिश्रा ने कहा कि करीब दो साल पहले ही संपत्ति की जिम्मेदारी गायत्री परिवार को सौंपने का निर्णय लिया गया था। वहीं गायत्री परिवार का दावा है कि डॉ. श्रीवास्तव ने प्रॉपर्टी का विधिवत दानपत्र भी तैयार करवाया है। 20 हजार स्क्वायर फीट से अधिक जमीन डॉ. हेमलता श्रीवास्तव जिला अस्पताल में पदस्थ रही हैं। उनके पति और बेटा भी डॉक्टर थे। चार साल पहले बेटे और एक माह पहले पति के निधन के बाद वे अकेली रह गई हैं। गायत्री परिवार के ट्रस्टी ब्रज बिहारी शर्मा का कहना है कि न केवल डॉ. हेमलता श्रीवास्तव बल्कि उनकी छोटी बहन कनकलता मिश्रा ने भी गायत्री परिवार को संपत्ति दान की है। ट्रस्टी शर्मा ने सोमवार को सामने आए अपहरण के वीडियो को फर्जी बताते हुए कहा कि डॉ. श्रीवास्तव की इच्छा पर ही उन्हें गायत्री मंदिर ले जाया जा रहा था। उनका कहना है कि डॉ. श्रीवास्तव ने अपनी मर्जी से गायत्री परिवार ट्रस्ट के नाम वसीयत की है, किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की गई। इलाज को लेकर भी विवाद ब्रज बिहारी शर्मा ने बताया कि डॉ. श्रीवास्तव की तबीयत खराब है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में डॉ. मुखर्जी के अस्पताल के पास विवाद हो गया। डॉ. मुखर्जी का कहना था कि वे लंबे समय से उनका इलाज कर रहे हैं और उन्हें दूसरे अस्पताल नहीं ले जाने देंगे। “किसी ने अपहरण नहीं किया” डॉ. हेमलता की बहन कनकलता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी बहन का अपहरण नहीं हुआ है। वे खुद भी उनके साथ गायत्री मंदिर गई थीं। उन्होंने कहा कि दो साल पहले, जब डॉ. हेमलता पूरी तरह स्वस्थ थीं, तभी प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा हो गई थी और यह तय हुआ था कि गायत्री परिवार उनकी और संपत्ति की देखभाल करेगा। तीन डॉक्टरों पर गंभीर आरोप कनकलता मिश्रा ने आरोप लगाया कि कई लोगों की नजर इस संपत्ति पर है। उन्होंने दावा किया कि डॉ. सुमित जैन ने उनकी जमीन पर कब्जा कर क्लिनिक बना लिया और रातों-रात दीवार खड़ी कर दी। इसके अलावा डॉ. तरुण बहरानी और डॉ. मुखर्जी पर भी संपत्ति हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि तीनों मिलकर पिछले 11 दिनों से उन्हें परेशान कर रहे हैं। आईएमए ने जताई चिंता इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्य डॉ. अभिजीत विश्नोई ने बताया कि उन्हें भी सूचना मिली थी कि कुछ लोग डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को एक सफेद कार में कुछ लोग डॉ. हेमलता को ले जा रहे थे, जिस पर संदेह होने पर मदनमहल पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद रात में ही उन्हें घर वापस लाया गया। डॉ. विश्नोई ने कहा कि हर मरीज को समुचित इलाज का अधिकार है। आईएमए ने डॉ. हेमलता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस कर रही जांच एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि एक आवेदन डॉ. जैन द्वारा दिया गया है, जिसमें दानपत्र के जरिए जमीन मिलने की बात कही गई है। वहीं डॉ. साकेत ने दानपत्र को फर्जी बताते हुए आवेदन दिया है। डॉ. हेमलता की बहन ने पुलिस के सामने आशंका जताई है कि कुछ लोग अस्पताल में जबरन प्रॉपर्टी अपने नाम करवाने की कोशिश कर सकते हैं। फिलहाल मदनमहल थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़िए… जबलपुर में रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरिया ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…

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