छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ में मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सकल जैन समाज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। विद्यासागर महाराज की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर डोंगरगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस मांग पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर, प्रज्ञागिरी तीर्थ और चंद्रगिरि तीर्थ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल स्थित हैं। जैन समाज का कहना है कि तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। शहर से बाहर दुकान स्थानांतरित किया जाए बता दें कि डोंगरगढ़ में पहले से ही मांस की खरीदी बिक्री पर आंशिक रोक लागू है और शहर में शराब की बिक्री प्रतिबंधित है। जैन समाज की मांग है कि या तो मांस की दुकानों को शहर से बाहर एक निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए या फिर तीर्थ क्षेत्र में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए। अवैध रूप से मांस बेच रहे व्यापारी स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में मांस बिक्री के लिए निर्धारित स्थान है, लेकिन कुछ विक्रेता सड़कों और चौराहों पर अवैध रूप से मांस बेच रहे हैं, जिससे शहर की धार्मिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है। मांगो पर विचार कर रही सरकार इस मांग को विभिन्न धार्मिक संगठनों का समर्थन मिला है, जबकि कुछ व्यापारी इस संभावित निर्णय को लेकर चिंतित हैं। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


