डोंगरगढ़ में जंगल किनारे कचरे का अंबार:मेडिकल वेस्ट और प्लास्टिक से जानवरों को खतरा; बिना किसी प्रबंधन के किया जा रहा डंप

राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ नगर पालिका की लापरवाही से वन्यजीव संरक्षण और स्वच्छ भारत जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं धराशायी हो रही हैं। सरस्वती शिशु मंदिर से बछेरा भांटा रोड तक के जंगल किनारे पॉलिथीन, मेडिकल वेस्ट और खतरनाक अपशिष्ट का ढेर लगा हुआ है। मणिकंचन केंद्र केवल नाम का है। शहर का सारा कचरा बिना किसी प्रबंधन के वहां डंप किया जा रहा है। यह कचरा अब जंगल में कई किलोमीटर तक फैल चुका है। दिन में आवारा मवेशी और रात में जंगली जानवर इस जहरीले कचरे को खा रहे हैं। यह उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है। वन्यजीव प्रेमियों ने कई बार इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाया है। लेकिन न तो वन विभाग की एसडीओ पूर्णिमा राजपूत और न ही नगर पालिका के सीएमओ चंद्रकांत शर्मा ने इस पर ध्यान दिया। हाल ही में मुक्तिधाम में कचरा डंप करने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन इसका असर सिर्फ कागजों तक सीमित है। वार्ड नंबर एक और तीन में मुक्तिधाम के पास की स्थिति गंभीर है। जंगल के आसपास फैली यह गंदगी न केवल वन्य जीवन बल्कि पूरी पारिस्थितिकी के लिए खतरा बन गई है।

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