कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अरावली मामले में केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि संगठित रूप से देश की संपदाओं को लूटने का काम किया जा रहा है, नए मामले में अरावली पर्वतमाला को लूटने का षडय़ंत्र भाजपा ने पूरा कर लिया है। जो रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने दबाव में दिलवाई है उसके बाद साफ हो गया है कि राजस्थान की जीवन रेखा अरावली पर्वतमाला को नष्ट करने का काम भाजपा की सरकार ने किया है। डोटासरा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अरावली का 90 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो जायेगा, क्योंकि यह अरावली पर्वतमाला खनन माफिया के हवाले कर दी जाएगी। भाजपा की तरफ से इस तरह के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे थे, लेकिन अब सोची-समझी साजिश के अलवर से जीते भूपेंद्र यादव को केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री बनाया। अलवर के ही संजय शर्मा को इसी मंत्रालय का प्रदेश में मंत्री बनाया गया और प्रदेश में अनुभवहीन व्यक्ति को सत्ता सौंपी जिससे विवेक का इस्तेमाल नहीं कर सके, जो केंद्र चाहे उस मनमानी में सहयोग करे। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर अरावली को अवैध खनन का कॉरिडोर बना दिया डोटासरा ने कहा- भाजपा के संकल्प पत्र में वादा किया गया था कि केंद्र के साथ मिलकर अरावली को सुरक्षित रखने के लिये ग्रीन कोरिडोर बनाया जाएगा। आज भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर अरावली को अवैध खनन कोरिडोर बना दिया। जिस प्रकार इलेक्ट्रोल बॉन्ड मामले में ईडी और इनकम टैक्स का दुरूपयोग कर कंपनियों से चंदा लिया था, वैसे ही अब माफियाओं से चंदा लेकर अवैध माईनिंग करवाने का काम होगा या फिर माईनिंग करने वाले उद्योगपतियों को पट्टे दिये जाएंगे। वर्तमान में राजस्थान प्रदेश में पूरे देश के मुकाबले सबसे अधिक खनन् पट्टे जारी हैं, इसके बावजूद ऐसी क्या परिस्थिति बन गई कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रयास किया कि सरिस्का वन क्षेत्र में जो सीटीएस क्षेत्र है उसे बदल दें। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया, साजिश पर करारा तमाचा लगा और अब यह षडय़ंत्र चल रहा है। सबने मिलकर षडयंत्र रचा
डोटासरा ने कहा- तकलीफ का विषय है कि राजस्थान में माईनिंग मिनिस्टर भी मुख्यमंत्री ही हैं, गृह मंत्री भी मुख्यमंत्री खुद हैं। वन पर्यावरण मंत्री केंद्र के राजस्थान से ही हैं, इन सभी ने मिलकर षडय़ंत्र रचा। अरावली पर्वतमाला जो राजस्थान के लिये ना सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि जीवन रेखा है, उसे खत्म करने की दिशा में भाजपा के नेता आगे बढ़ रहे हैं। संवैधानिक आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी बीजेपी प्रवक्ता की तरह बयान दे रहे डोटासरा ने कहा- भाजपा नेता कम क्षेत्र का दावा कर रहे हैं लेकिन लेकिन यह नहीं बता रहे कि यह 68000 एकड़ का विशाल क्षेत्र है जिसे खनन माफियाओं के हवाले करने की तैयारी कर ली है। भाजपा नेताओं की तरफ से जो जवाब आ रहा है वह खनिज मंत्री की ओर से नहीं आकर अरूण चतुर्वेदी,राजेंद्र राठौड़ दे रहे हैं। अरूण चतुर्वेदी राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं, यह एक स्वायत्तशासी संस्था है, इसमें राजनीति का हस्तक्षेप ना तो कभी रहा है और ना ही कभी रहना चाहिए। जबसे अरूण चतुर्वेदी इस आयोग के अध्यक्ष बने हैं राजनीतिक पार्टी के प्रवक्ता के रूप में बयानबाजी कर रहे हैं। संवैधानिक प्रावधान है कि वित्त आयोग स्वायत्तशासी संवैधानिक संस्था है, इस संस्था के अध्यक्ष पंचायती राज और नगर निकाय के लिये वित्तीय व्यवस्था की सिफारिश राज्य सरकार के लिए करते हैं। जब यही राजनीति करने लग जाएंगे तो इनके नीचे की संस्थाएं कैसे पारदर्शिता के साथ काम करेंगी? उन्हें न्याय कैसे मिलेगा? सनातन के नाम पर वोट लेने वाली भाजपा ऐतिहासिक देवस्थलों का भूगोल मिटाने में लगे डोटासरा ने कहा- भाजपा के नेता सनातन की बात करते हैं, लेकिन अरावली पर्वतमाला जहां खनन की इजाजत देंगे वहां पर ऐतिहासिक देवस्थल बने हुए हैं। परशुराम महादेव पाली, हर्षनाथ सीकर, पाण्डुपोल हनुमान, नीलकंठ महादेव अलवर, सरिस्का, गलता, खोले के हनुमानजी जयपुर, एकलिंगजी ऋषभदेव, उदयपुर लोहारगल झुन्झुनूं, देलवाड़ा, अचलगढ़, कुम्भलगढ़ इन सभी का भूगोल मिटाने पर भाजपा के लोग लगे हुए हैं और सनातन् की बात कर वोट मांगते हैं। हमारे आस्था के केंद्र ये सारे मंदिर जहां भगवान बिराजते हैं, हमारे पूजा के स्थल हैं, इन सभी को समाप्त करने की दिशा में केवल पैसे के लिए यह कदम उठाया गया है। पैसे के बल पर भाजपा सरकारें गिराती है और सत्ता लूटती है।


