सीकर संभाग और नीमकाथाना जिले को निरस्त करने के विरोध में सीकर कोर्ट परिसर के बाहर अभिभाषक संघ सीकर के बैनर तले क्रमिक अनशन आज आठवें दिन भी जारी रहा। पीसीसी चीफ और अभिभाषक संघ के मेंबर गोविंद सिंह डोटासरा आज इस अनशन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे। मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने बीजेपी पर तंज कसा। डोटासरा ने कहा कि इनको अक्ल देने वाला कोई नहीं है। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश सरकार साल डेढ़ साल तक चुनाव नहीं करवाना चाहती। सरकार कहां है,दिख रही है क्या कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा द्वारा दिए फोन टैपिंग के बयान पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि सरकार हैं कहां,दिख रही है क्या आपको। राजस्थान की विधानसभा में जब गतिरोध हुआ तो मुख्यमंत्री,गृहमंत्री को अपनी बात कहनी चाहिए थी। जो बातें वह सड़क पर जवाहर सिंह बेढम से कहलवा रहे हैं,वह बाद सदन के अंदर उन्हें बोलनी चाहिए। बीजेपी को अक्ल देने वाला कोई नहीं डोटासरा ने कहा कि अक्ल मोल नहीं मिलती है,यह तो खुद में होती है। आस पड़ोस के अच्छे लोग जो सलाह और सुझाव देते हैं उनसे ही काम करना पड़ता है। लेकिन इनको तो कोई अक्ल देने वाला कोई है ही नहीं। और यदि है तो उसे काम में नहीं ले सकते। क्योंकि यह तो पर्चियों से बने हैं और पर्चियों से ही सरकार चला रहे हैं। जनता इनको होश दिला देगी इनके खुद के मंत्री अविनाश गहलोत बोल रहे हैं कि हम तो पर्चियों से सरकार चलाते हैं। डोटासरा ने कहा कि इनको होश आए या नहीं आए मैं नहीं बता सकता, लेकिन जनता इनको होश दिला देगी। सीकर के मास्टरप्लान पर बोले डोटासरा सीकर के मास्टर प्लान की बात पर डोटासरा ने कहा कि यूडीएच मंत्री सीकर जिले के हैं। पहले वह नीमकाथाना में चले गए थे लेकिन अब वापस सीकर में आ गए। उनकी खुद की विधानसभा के अंदर घोषणा है कि 31 दिसंबर के पहले आपत्तियां मांग कर उनका निस्तारण करके सीकर को नया मास्टर प्लान दे दूंगा,अब उस पर ही कुछ काम नहीं हो रहा। आपत्तियां नहीं मांगी गई है और पब्लिकेशन भी नहीं हुआ। नगर निगम नहीं आया और न ही आएगा डोटासरा ने कहा कि झाबर सिंह खर्रा ने अर्बन लिमिट बढ़ाने,म्युनिसिपल पार्टी सीमा बढ़ाने और नगर निगम बनाने की बात कही थी। लेकिन अब संभाग ही चला गया तो वह नगर निगम कैसे बनाएंगे,यह मेरी समझ से परे है। नगर परिषद की सीमा तो बढ़ गई लेकिन नगर निगम नहीं आया और न ही आएगा। साल-डेढ़ साल तक चुनाव नहीं करवाने डोटासरा ने कहा कि यूडीएच मंत्री 12 महीने तक कभी पंचायतों का परिसीमन करवाएंगे, कभी वापस लेंगे। कभी जिला परिषद एरिया का परिसीमन करवाएंगे वापस लेंगे। 12 महीने-डेढ़ साल तक चुनाव नहीं करवाने हैं। परिसीमन फाइनल तो 6 महीने में चुनाव करवाना अनिवार्य आज यदि वह परिसीमन फाइनल करते हैं तो इसका मतलब हो गया कि एक पुरानी इकाई का विघटन हो गया और नई इकाई का गठन हो गया। नई इकाई का गठन होने पर कानून यह कहता है कि 6 महीने के अंदर चुनाव होना अनिवार्य है। यह केवल कागजों से अठखेलियां करते रहेंगे। अभी इनकी चुनाव करवाने की मंशा नहीं है। यह जो भी तारीख आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं वह केवल टाइम पास है। यह चुनाव करवाएंगे तो इन्हें पता लग जाएगा कि यह कितने पानी में है। एक झटके,एक लाइन में संभाग और जिले समाप्त डोटासरा ने कहा कि करीब 2 साल पहले कांग्रेस सरकार ने 17 नए जिले और तीन नए संभाग बनाकर लोगों को राहत दी थी। बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही अपनी मंशा जाहिर कर दी थी कि हम लोग जिले और संभाग खत्म करेंगे। 14 महीने तक यह लोग कोई निर्णय कर नहीं सके और 14 महीने बाद दिल्ली से ब्यूरोक्रेसी और बीजेपी के हाईकमान की एक पर्ची आई। इसके बाद 9 जिले और तीन संभाग को एक झटके, एक लाइन में समाप्त कर दिया। कांग्रेस की सरकार आते ही पहला पॉजिटिव निर्णय होगा अगर यह अपनी हठधर्मिता पर अड़े रहे। सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला नहीं किया। तो कांग्रेस की सरकार आते ही कैबिनेट का पहला फैसला सीकर संभाग, नीमकाथाना जिला और अन्य जिलों के बारे में पॉजिटिव निर्णय का होगा।


