अलवर के सिलीसेढ़ में 10 होटल व ढाबों को सील करने की कार्यवाही के अगले दिन ढाबा संचालक सर्किट हाउस में वन राज्य मंत्री संजय शर्मा से मिले। जिन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में बड़े अवैध होटल खड़े हो गए। अब उनके साथ ढाबे भी सील कर दिए। यही नहीं बड़े होटल वापस चालू हो गए। छोटे ढाबों के एक-एक कमरे सील कर गए। जिससे उनका काम धंधा चौपट हो गया। वे केवल चाय पकौड़ी बनाकर घर चलाते हैं। दूसरी तरफ बड़े होटल वाले एक रात शादी के कार्यक्रम में 50 से 70 लाख रुपए वसूलते हैं। लेकिन उनमें से किसी को जानबूझकर सील नहीं किया। किसी के यहां खानापूर्ति की गई। जिससे बड़े होटल चल रहे हैं। अब छोटे ढाबे बंद हो गए हैं। यह सरासर गलत है। कांग्रेस के समय में अवैध होटल बने। अब बीजेपी उनको सील कर रही है। जिसमें छोटे ढाबे वाले पिस रहे हैं। मंत्री ने कहा – कोर्ट का मामल ढाबे वालों की बात सुनने के बाद वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट का मामला है। वहां के आदेश के बाद सील की कार्यवाही की गई है। आपको भी माननीय कोर्ट के पास अपना पक्ष रखना चाहिए। ताकि वहां से कुछ राहत मिल सके। यह सही है कि सिलीसेढ़ में छोटे चाय पकौड़ी व खाने के ढाबे हैं। जो कई दशक से चलते आ रहे हैं। अब उनको सील किया गया हे। यह सही नहीं हुआ। इसी तरह बड़े होटलों में शादी चल रही है ताे उनको भी कुछ समय दिया जाना चाहिए था। ताकि वे शादियां करा सकें। ये बड़े होटल भी सील किए थे सिलीसेढ़ में देशी ठाठ, मेधावन, द जंगल लेप, नमन बाग, फतेहगढ़ फॉर्म को भी सील किया गया है। देशी ठाठ होटल के गार्ड रूम को भी तोड़ दिया गया। यहां तिराहे के पास दो ढाबे व तीन ढाबे सिलीसेढ़ से पहले सील किए गए।


