ढील बांध से निकलने वाली नहर बौंली इलाके में खेतों की सिंचाई की लाइफलाइन लिए मानी जाने वाली मुख्य नहर एक दिसंबर से खोली जाएगी। यहां नहर खोले जाने के पहले सफाई का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। सफाई के नाम पर हुई खानापूर्ति यहां हैरान करने की बात यह है विभागीय अधिकारी जहां सफाई की बात कर रहे हैं वहां पर सफाई का नामोनिशान नहीं है। उच्च अधिकारियों के पास भी सफाई हो जाने की सूचना पहुंच रही है जबकि नहर में जगह-जगह मिट्टी, खरपतवार और गाद जमा है, जिससे पानी का प्रवाह बाधित हो सकता है। कई स्थानों पर नहर की दीवारों में टूट-फूट भी देखी गई है,नहर के किनारे कई जगह अवैध मिट्टी भराई और फालतू झाड़-झंखाड़ जमा है। जिसकी मरम्मत अभी तक नहीं हुई। जिसमें पानी का बहाव रुक सकता है। किसानों का कहना है कि अगर इस स्थिति में नहर का संचालन किया गया तो पानी गांवों तक नहीं पहुंचेगा और रबी की सिंचाई पर सीधा असर पड़ेगा। समय बहुत कम बचा है और यदि तुरंत काम शुरू नहीं हुआ,और तेजी से सफाई कर पाना मुश्किल होगा। यदि नहर बिना सफाई और मरम्मत के खोली गई, तो पानी आगे तक नहीं पहुँच पाएगा, इससे रबी सीजन की तैयारी कर रहे किसानों में गहरी नाराज़गी और चिंता देखने को मिल रही है। ग्रामीणों की सिंचाई विभाग से जल्द से जल्द सफाई कार्य पूरा करने की मांग है, ताकि नहर समय पर और सुचारू रूप से खोली जा सके। यह बोले जिम्मेदार अधिकारी अरूण शर्मा, XEN, जल संसाधन विभाग ने बताया कि “सभी जगह सफाई चल रही है सारे संसाधन लगा रखें है चार- पांच जेसीबी लगा रखी है। गुडला चंदन गांव के पास सफाई हो गई है जहां सफाई नहीं हुई वहां निर्धारित तिथि से पहले सफाई करवा देंगे।” इनपुट- ब्रह्मदेव गुर्जर।


