राजसमंद जिले के ढेलाणा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत स्थापित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा केंद्र के माध्यम से संचालित हुआ, जिसमें विद्यालय की कक्षा 6 से 12 तक की कुल 55 छात्राओं ने भाग लिया। सुरक्षा के साथ सशक्तिकरण पर रहा फोकस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को दैनिक जीवन में होने वाली आपराधिक घटनाओं से बचाव के तरीके बताए गए। इसके साथ ही महिलाओं से जुड़े अपराधों की जानकारी दी गई, ताकि छात्राएं किसी भी परिस्थिति में सतर्क रह सकें और सही निर्णय ले सकें। आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए जिला राजसमंद की मास्टर ट्रेनर महिला कांस्टेबलों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के बुनियादी और व्यावहारिक गुर सिखाए। प्रशिक्षण में अपर पंच, मिडिल पंच, लोअर पंच के साथ अपर ब्लॉक, मिडिल ब्लॉक और लोअर ब्लॉक जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिससे छात्राएं आत्मविश्वास के साथ खुद का बचाव कर सकें। साइबर अपराध और गुड टच-बैड टच पर जागरूकता प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराध से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया। छात्राओं को मोबाइल फोन के सुरक्षित और सीमित उपयोग, सोशल मीडिया पर सतर्कता और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने के बारे में समझाया गया। साथ ही उन्हें ‘गुड टच-बैड टच’ की पहचान और सही प्रतिक्रिया देने के तरीकों से भी अवगत कराया गया। विद्यालय स्टाफ और प्रशिक्षकों का सहयोग कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने की। ब्लॉक मास्टर ट्रेनर तेजस्विनि शाकद्वीपिय ने छात्राओं को आत्मरक्षा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। प्रशिक्षण को सफल बनाने में विद्यालय के जगदीश सिंह चुंडावत, विजय सिंह, गिरिराज प्रजापत, राजू पावण्डा, नारायण लाल रेगर, मुकेश गुगड और शारीरिक शिक्षक मनोज कुमार शर्मा ने सक्रिय सहयोग किया।


