पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के बाद अब बिजली वितरण कंपनी भी ड्रोन टेक्नोलॉजी को अपनाने जा रही है। कंपनी अब शहर में बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों के मेंटेनेंस के लिए ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए सर्वे किया जाएगा। इस तकनीक एस्टीमेट बनाने का काम भी किया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट फरवरी में शुरू होगा। इसके दायरे में सबस्टेशन, 33 केवी फीडर, 11 केवी फीडर, एलटी लाइनें और वितरण ट्रांसफार्मर आएंगे। इस प्रोजेक्ट को लेकर पिछले साल गोविंदपुरा बिजली कंपनी मुख्यालय में वर्कशॉप भी आयोजित की गई थी। भोपाल सिटी सर्कल के मैदानी अमले में शामिल अधिकारी और कर्मचारी इस कार्यशाला में शामिल हुए थे। इस नवाचार के लिए शहर के ट्रांसफार्मरों की इंडेक्सिंग पहले ही कर ली गई है। इसमें ट्रांसफार्मर का लोड और लोकेशन दोनों हैं। इस पर कितने उपभोक्ताओं का लोड है, यह जानकारी भी उपलब्ध है। इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने में इस इंडेक्सिंग से बहुत मदद मिलेगी। इस सिस्टम से ऐसे होगा काम
इंसुलेटेड ड्रोन को कमांड दी जाएगी। फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ड्रोन को उस जगह रोकेगा। यह ट्रांसफार्मर या खंभों में लगे इंसुलेटर और तार के फोटो, ट्रांसफार्मर की बुशिंग की फोटो लेगा। बुशिंग (लाइन और ट्रांसफार्मर का कनेक्टर) से ही लाइन जाती है। मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम में ये इमेज पहुंच जाएगी। इनमें से यदि कोई इमेज में एक विशेष तापमान के ऊपर उपकरण पाया गया तो तुरंत शट डाउन लेकर उसे सुधारा जाएगा। फिलहाल बिजली लाइन और सब स्टेशनों का मेंटेनेंस मैनुअल हो रहा है।


