भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार से कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर जिले के शासकीय कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुरू किए गए इस कलम बंद-काम बंद आंदोलन के पहले ही दिन सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप नजर आया, जिससे आम जनता और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार को कोरिया जिला मुख्यालय के प्रेमाबाग में दोनों जिलों के कर्मचारी संघ के सदस्य बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। हड़ताल के कारण कलेक्टोरेट, तहसील और जिला कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारियों की अनुपस्थिति की वजह से जिले के लगभग सभी सरकारी विभागों में फाइलें आगे नहीं बढ़ सकीं। हड़ताल का सबसे गहरा असर राजस्व विभाग पर पड़ा है। तहसील कार्यालयों में दूर-दराज से पहुंचे किसान रकबा सुधार, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे कार्यों के लिए भटकते नजर आए। कर्मचारियों के न होने से उन्हें बिना काम कराए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। एसडीएम और तहसील न्यायालयों में नियमित सुनवाई प्रभावित हुई। पक्षकारों को अब अगली पेशी का इंतजार करना होगा, जिससे लंबित मामलों का बोझ और बढ़ने की आशंका है। हड़ताल को लेकर अधिवक्ताओं और आम लोगों का कहना है कि बार-बार होने वाले ऐसे आंदोलनों से न्याय प्रक्रिया धीमी हो जाती है और आम आदमी के समय व धन की बर्बादी होती है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं, केवल अत्यावश्यक सेवाओं को ही सीमित रूप से चालू रखा गया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा लगातार मांगों की अनदेखी किए जाने के कारण वे आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इन तीन दिनों के भीतर सरकार ने हमारी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा।


