तहसील कार्यालय ने नपा को थमाया 17.67 करोड़ का नोटिस:बालाघाट तहसीलदार बोले- जवाब के बाद होगी कुर्की; अब कोर्ट जाएगी नपा

बालाघाट नगरपालिका को तहसील कार्यालय की ओर से 17.67 करोड़ रुपए की पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूली का नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के तहत मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सिफारिश पर दिया गया है। नगरपालिका को नोटिस का जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। तालाब प्रदूषण और कचरा प्रबंधन बना कारण यह कार्रवाई शहर के तालाबों में हो रहे जल प्रदूषण और कचरा प्रबंधन केंद्र में समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण की गई है। एनजीटी की सेंट्रल जोनल बेंच, भोपाल में प्रचलित प्रकरण क्रमांक 138/2024 में नगरपालिका बालाघाट पर यह पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। तहसीलदार बोले- जवाब के बाद होगी कार्रवाई तहसीलदार सुनील वर्मा ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय से वसूली के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें एनजीटी द्वारा लगाए गए आर्थिक दंड का उल्लेख था। इसी के आधार पर नगरपालिका को मांगपत्र जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका के जवाब का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कुर्की की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है। पुराने आदेशों का नहीं हुआ पालन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वर्ष 2016 में कचरा प्रबंधन और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर आदेश जारी किए थे, लेकिन नगरपालिका इन आदेशों का पालन नहीं कर सकी। इसी लापरवाही को गंभीर मानते हुए एनजीटी ने 17.67 करोड़ रुपए का आर्थिक दंड लगाया है। नपा कोर्ट जाने की तैयारी में नगरपालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि मांगपत्र का जवाब तैयार किया जा रहा है। साथ ही एनजीटी के वसूली आदेश के खिलाफ कोर्ट में अपना पक्ष रखा जाएगा। कार्यों के लिए राशि अब मिली नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में जब ये आदेश जारी हुए थे, उस समय कचरा प्रबंधन और सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए शासन स्तर से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई थी। वर्तमान में सरकार ने इन दोनों कार्यों के लिए राशि स्वीकृत कर दी है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति का प्रस्ताव फिलहाल राज्य स्तरीय समिति के समक्ष विचाराधीन है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *