तहसील में दफ्तर-डेटा-आईडी जूनियर सहायक के बेटे के हवाले

विक्की कुमार | अमृतसर तहसील-2 में तैनात जूनियर सहायक इंद्रजीत कौर ने न सिर्फ अपना कार्यभार संभाला, बल्कि बेटे को भी ‘अनौपचारिक कर्मचारी’ की तरह दफ्तर में बैठा लिया है। युवक सरकारी सीट पर बैठकर लैपटॉप पर काम करता है। सूत्रों के अनुसार एक दिन नहीं ​बल्कि यह रोज की स्थिति है, मगर अधिकारी आंखें मंूंदे बैठे हैं। उस युवक की न तो यहां कोई नियुक्ति हुई है और न ही किसी अनुबंध के तहत उसे बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, युवक जिस लैपटॉप पर काम कर रहा है, उस पर विभागीय आईडी का उपयोग किया जा रहा है। आईडी और पासवर्ड साझा किए जा रहे हैं। ऐसे में यह साइबर सुरक्षा और गोपनीय रिकॉर्ड के साथ सीधा खिलवाड़ है। सरकारी दफ्तरों में निजी कारिंदों से काम करवाने के मामले पहले सामने आते रहे हैं, मगर रिश्तेदार को ही अवैध रूप से काम लगाने का यह पहला मामला है। सवाल यह भी है कि क्या तहसील के संवेदनशील दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और राजस्व फाइलें अब एक बाहरी युवक की पहुंच में हैं? बाहरी व्यक्ति का अधिकृत सिस्टम तक पहुंच बनाना गंभीर उल्लंघन है। सेवा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया अपनी जगह ​रिश्तेदारों को बैठाकर काम करवाया जाए। मगर उक्त युवक रोजाना घंटों दफ्तर में बैठकर काम कर रहा है। ऐसे इसमें उसका हित खुद ही समझा जा सकता है। बिना चयन प्रक्रिया ऐसे बाहरी लोगों को सरकारी सीट पर सेट करने के पीछे की मंशा पर कई सवाल उठते हैं। जिनका जवाब लेने के लिए जूनियर सहायक इंद्रजीत कौर को कॉल की गई। उन्होंने कॉल रिसीव की मगर बिना बात किए ही फोन काट ​दिया। डीसी दफ्तर में इन दिनों तबादलों की आड़ में अंदरखाते खेल चलने के आरोप लग रहे हैं। जिन कर्मचारियों की अधिकारियों तक सीधी पहुंच है, उनके तबादले उनकी पसंद से हो रहे हैं और काम भी मनमाफिक मिल रहा है। वहीं जिनकी ‘पैठ’ नहीं, वह दफ्तर में बैठकर चार्ज का इंतजार कर रहे हैं। 20 दिन में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर से 2 बार तबादला सूची जारी की जा चुकी है। इनमें जूनियर सहायक यादविंदर सिंह भी है, जिनका तबादला एक साल में 4 बार कर दिया गया और अब उनका तबादला तहसील-2 का डाक मुहरर सीट से किया गया था, लेकिन उन्हें 3 दिन के बाद भी कोई काम नहीं मिला है। जबकि उनकी जगह जूनियर सहायक इंद्रजीत कौर को तैनात कर तुरंत चार्ज दे दिया गया। इंद्रजीत कौर ने अपना कार्यभार संभाल भी लिया है और नियमों के खिलाफ अपने बेटे को भी साथ बिठा लिया है जो लैपटॉप पर काम कर रहा है। दूसरी ओर महिला कर्मचारी पवनदीप कौर को एक-दो नहीं, बल्कि चार-चार जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सवाल उठ रहा है कि जब एक कर्मचारी को काम से लाद दिया गया है तो दूसरे को खाली क्यों रखा गया है। महिला कर्मचारी पवनदीप कौर के पास तहसील-1 और 2 का वासलवॉकी नवीस, तहसील अमृतसर-1 की रिकवरी और डाक मुहरर का काम सौंपा गया है। हालांकि इस कर्मचारी को तहसीलदार की तरफ से काम दिया गया है। वहीं यादविंदर सिंह इससे पहले तहसील अमृतसर-2 में डाक मुहरर का कार्यभार संभाल रहे थे। रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने लंबित मामलों को न केवल समय पर निपटाया, बल्कि पेंडेंसी शून्य कर दी थी। इसके बावजूद नए आदेश के बाद उन्हें बिना काम बैठाना कई सवाल खड़े कर रहा है। डीसी दलविंदरजीत सिंह का कहना है कि महिला कर्मचारी अपने बेटे से बिल्कुल भी काम नहीं करवा सकती। अगर ऐसा कर रही है तो नियमों के बिल्कुल विपरीत है और इस पर बनती कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं जूनियर सहायक यादविंदर सिंह को काम न सौंपे जाने पर डीसी ने कहा कि उन्हें भी जल्द ही काम दिया जाएगा। तहसील -2 में डाक मुहरर दफ्तर में काम करता जूनियर सहायक का बेटा।

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