तानसेन की जन्मस्थली पर अतिक्रमण रोकने की मांग:दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र; कहा- भावनाओं को ठेस पहुंचा रही अमूल्य धरोहर की उपेक्षा

राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने ग्वालियर के बेहट स्थित संगीत सम्राट तानसेन की जन्म और साधना स्थली पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने की मांग की है। सिंह ने इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि संगीत सम्राट तानसेन (रामतरु पांडे) की जन्मभूमि बेहट, जिला ग्वालियर एक संरक्षित क्षेत्र है, लेकिन इसके आसपास अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की इस अमूल्य धरोहर की उपेक्षा न केवल संगीत प्रेमियों, बल्कि शास्त्रीय संगीत की विरासत को आगे बढ़ाने वाले नए कलाकारों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचा रही है। पिछले साल भी की थी संरक्षण की मांग
यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर तानसेन की जन्मस्थली और साधना स्थली, जिसे वर्तमान में ध्रुपद केंद्र के रूप में जाना जाता है, के संरक्षण और उन्नयन की मांग की थी। उन्होंने इस स्थान को अतिक्रमण मुक्त कराने और संरक्षित करने का निवेदन किया था। इसी साल फरवरी में उन्होंने इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाया था। इसके जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने बताया था कि राज्य सरकार ने तानसेन की जन्मस्थली और साधना स्थल को विकसित करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) या राज्य पुरातत्व विभाग को कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है। मुख्यमंत्री एएसआई को प्रस्ताव भिजवाएं
अब दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि वे अपने स्तर पर राज्य सरकार द्वारा तानसेन की बेहट स्थित जन्मस्थली और साधना स्थली को संरक्षित और विकसित करने के लिए एएसआई को प्रस्ताव भिजवाएं। साथ ही, उन्होंने इस क्षेत्र को राज्य स्तर पर विकसित और संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी आग्रह किया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *