छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में ताने से परेशान सौतेला मां और चाची ने मिलकर एक नाबालिग को मरवा दिया। लवन थाना क्षेत्र के डोंगरीडीह गांव की घटना है। बताया जा रहा है बच्चे की सगी मां दुर्गा धृतलहरे अक्सर सौतेली मां मीना पर बच्चे की देखभाल न करने के ताने मारती थी। ताने से मीना के मन में गुस्सा भरा था। वहीं चाची मोंगरा को अवैध संबंध का शक था। इन वजहों से दोनों ने मिलकर बच्चे को मारने के लिए गांव के ही एक आदमी को सुपारी दी। 6 लोगों ने मिलकर दुर्गा धृतलहरे के बच्चे को गला घोंटकर मार डाला और फिर शव को रेत में गाड़ दिया।1 अप्रैल को नाबालिग का शव महानदी किनारे मिला था। सुपारी देकर हत्या करवाई SP विजय अग्रवाल के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ कि सौतेली मां मीना धृतलहरे (31) और चाची मोंगरा धृतलहरे (25) ने 50 हजार रुपए में सुपारी देकर बच्चे की हत्या करवाई। आरोपियों ने गांव सरखोर के गोविंदा कोसले (27) को पैसे देकर इस काम के लिए तैयार किया। गोविंदा ने 3 नाबालिगों की मदद से 30 मार्च की रात बच्चे को मोटरसाइकिल पर बिठाकर महानदी किनारे ले जाकर हत्या कर दी। 48 घंटे के अंदर पकड़ाए आरोपी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं। 2 दिन पहले परिजनों ने बच्चे के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बेल्ट से गला घोंटकर हत्या हुई है। गोविंदा कोसले, मोंगरा धृतलहरे, मीना धृतलहरे और 3 नाबालिगों को हत्या, साजिश और सबूत मिटाने के आरोप में कोर्ट में पेश किया गया है। ……………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… नदी किनारे मिला 14 साल के बच्चे का शव:बलौदाबाजार में 2 दिन से लापता था नाबालिग, जांच में जुटी पुलिस बलौदाबाजार में मंगलवार को झाड़ियों में एक 14 साल के नाबालिग का शव मिला है। लवन थाना क्षेत्र के डोंगरीडीह में मृतक की पहचान 14 वर्षीय निरंजन घृतलहरे के रूप में हुई है। निरंजन पिछले दो दिनों से लापता था। पढ़ें पूरी खबर…


