तिमाही परीक्षा होने के बावजूद पीएम श्री स्कूल में चौथी के बच्चों को पुस्तकें मिलने का इंतजार

भास्कर न्यूज|बालोद एक ओर शिक्षा विभाग, शासन, पाठ्य पुस्तक निगम दावा कर रही है कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा पहली से 10वीं तक के छात्र-छात्राओं को पुस्तकें मिल चुकी है। आलम यह है कि सिलेबस में बदलाव को तर्क मानकर देरी होने की बातें अफसर कह रहें है। जबकि हकीकत कुछ और है। जिले के पीएम श्री स्कूलों में कक्षा चौथी के बच्चों के लिए पुस्तकें हीं नहीं आई है। जबकि यहां तिमाही परीक्षा हो चुकी है। शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में 5 पीएम श्री स्कूल संचालित हो रही है। पीएम श्री के अलावा आत्मानंद स्कूलों के बच्चों को पुस्तकें मिली है या नहीं? इस पर संशय की स्थिति है। दरअसल शिक्षा विभाग दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक आरएल ठाकुर ने स्कैन नहीं होने पर अन्य विकल्प करके पुस्तकें वितरण करने निर्देश दिए थे। शिक्षा विभाग से जारी रिपोर्ट के अनुसार 43 हजार 756 पुस्तकें स्कैन ही नहीं हुआ है। संयुक्त संचालक आरएल ठाकुर ने बताया कि डिमांड अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराने की रिपोर्ट पाठ्य पुस्तक निगम की ओर से मिल चुकी है। वर्तमान में किस स्कूल में किस कारण से बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई है, जानकारी लेकर बता पाएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार बालोद ब्लॉक के 228 स्कूलों मंे 17 हजार 376 छात्र-छात्राएं है। जिन्हें पुस्तकें वितरण के लिए चिन्हांकित किया गया है। पाठ्य पुस्तक निगम की ओर से एक लाख 7 हजार 225 पुस्तकें उपलब्ध कराई गई है। 97 हजार 378 पुस्तकों को स्कैन कर वितरण कर चुके है। वहीं 9 हजार 847 पुस्तकों का स्कैन नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग से जारी रिपोर्ट के अनुसार बालोद ब्लॉक में 90.8% पुस्तकों का वितरण स्कैन के बाद बच्चों को किया गया है। दावा किया जा रहा है कि स्कैन नहीं होने के बावजूद अन्य विकल्प के माध्यम से सभी बच्चों को पुस्तकों का वितरण किया जा चुका है। गुरूर की तुलना में गुंडरदेही में दोगुना पुस्तकें स्कैन नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग के अनुसार गुंडरदेही ब्लॉक के 343 स्कूलों मंे 26442 छात्र-छात्राएं है। 1 लाख 66 हजार 116 पुस्तकों का वितरण स्कूलों में होने के बाद 1 लाख 56 हजार 71 को बांट चुके है। वहीं 10 हजार 45 पुस्तकों का स्कैन नहीं हुआ है। यहां 94% पुस्तकों का वितरण स्कैन के बाद बच्चों को किया गया है। वहीं गुरूर ब्लॉक में 271 स्कूलों मंे 18132 छात्र है। एक लाख 12 हजार 550 पुस्तकों का वितरण स्कूलों में होने के बाद एक लाख 8 हजार 455 को बांट चुके है। वहीं 4 हजार 95 पुस्तकों का स्कैन नहीं हुआ है। यहां सबसे ज्यादा 96.4% पुस्तकों का वितरण स्कैन के बाद बच्चों को किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *