तिल्दा के ग्राम बहेसर में स्थित होलोसेल सॉल्युसन प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट से फैल रही बदबू से स्थानीय लोग परेशान हैं। इस प्लांट में मुर्गियों के लिए आहार तैयार किया जाता है, जिसमें कीड़े पाले जाते हैं। जनपद सदस्य ने इस समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक टंकराम वर्मा के नाम आवेदन विभागीय अधिकारियों को सौंपा है। साथ ही एसडीएम कार्यालय में भी आवेदन दिया। दरअसल, चैतन्य सौलवेक्स आयल प्लांट के पीछे 24000-24000 वर्ग फिट के दो गोदामों को इस कंपनी को किराए पर दिया गया है। यहां कीड़ों को बड़ा करके और सड़ाकर बिलाडी और अन्य स्थानों पर सप्लाई किया जाता है। इस प्रक्रिया से निकलने वाली दुर्गंध से आसपास के गांवों के निवासी त्रस्त हैं। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए जनपद सदस्य तुलसी नर्सिंग वर्मा, भाजपा तिल्दा शहर के प्रचार प्रसार मंत्री और कुर्मी समाज के युवा अध्यक्ष दीपक वर्मा ने गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि वहां गंदे और बदबूदार कीड़ों का पालन हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन इस समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक टंकराम वर्मा के नाम आवेदन विभागीय अधिकारियों को सौंपा है। साथ ही एसडीएम कार्यालय में भी आवेदन जमा किया गया है। बदबू से आसपास के ग्रामीणों के परेशान स्थानीय प्रतिनिधियों ने बताया कि प्लांट से 24 घंटे बदबू आती रहती है, जिससे बहेसर, सिर्वे, बरतोरी, तुलसी और रजिया के ग्रामीण प्रभावित हैं। सिर्वे में इंटरनेशनल स्कूल और पीएम श्री स्कूल तथा बहेसर में हाई स्कूल संचालित है। बदबू के कारण छोटे बच्चों में उल्टी और दस्त की समस्या बढ़ रही है। दुर्गंध का प्रभाव सभी आयु वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। लोगों को सांस लेने, पानी पीने और भोजन करने में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा सिरदर्द, उल्टी और पेट दर्द जैसी बीमारियां भी बढ़ रही हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।


