नरसिंहपुर जिले की सीरेगांव ग्राम पंचायत में सरपंच महेंद्र सिंह कुशवाहा ने विकास कार्य न होने से नाराज होकर पंचायत भवन में खुद को बंद कर लिया था। गुरुवार रात गाडरवारा एसडीएम कलावती व्यारे की समझाइश और लिखित आश्वासन के बाद बाहर निकले। सरपंच का अनोखा विरोध आखिरकार तीन दिन बाद समाप्त हो गया। विकास कार्य न होने पर जताया था विरोध सरपंच पंचायत विकास कार्यों में आ रही लगातार परेशानियों से आहत थे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को गाडरवारा एसडीएम कलावती व्यारे स्वयं मौके पर पहुंचीं। उनके साथ पुलिस, राजस्व और पंचायत प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। निष्पक्ष जांच कर समस्याओं का समाधान करने आश्वासन एसडीएम ने सरपंच से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि ग्राम पंचायत में कराए गए और प्रस्तावित सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। एसडीएम की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद सरपंच ने पंचायत भवन से बाहर आने का फैसला लिया। लिखित आश्वासन मिलने पर सरपंच ने खत्म किया विरोध इस दौरान सरपंच महेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा, “आप सभी ने मेरे इस संघर्ष में सहयोग किया, आपकी वजह से ही आज मुझे सफलता मिली। कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम मैडम यहां आई, पुलिस प्रशासन, राजस्व और पंचायत प्रशासन पूरा मौजूद था। मेरी जो मांगें थीं, उन पर उचित निर्णय लिया गया है। मुझे लिखित आश्वासन दिया गया है और उसी आश्वासन के साथ आज मैं गेट से बाहर आया हूं। बताया जा रहा है कि पंचायत विकास से जुड़े कार्यों को लेकर आ रही दिक्कतों के चलते ही सरपंच ने यह कदम उठाया था। फिलहाल प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। ये खबर भी पढ़े… सरपंच ने पंचायत भवन में खुद को किया बंद, विकास कार्य न होने पर जताया विरोध नरसिंहपुर जिले की सीरेगांव ग्राम पंचायत में सरपंच महेंद्र सिंह कुशवाहा ने विकास कार्य न होने से नाराज होकर पंचायत भवन में खुद को बंद कर लिया है। उन्होंने कहा कि गांव की समस्याओं को लेकर वे यहां कैद हुए हैं और विकास के लिए वोट मांगने के बावजूद काम न होने से दुखी हैं। पढ़े पूरी खबर…


