दिसंबर और जनवरी महीने में टूरिज्म बूम पर होता है। ईयर एंड टूर और न्यू ईयर वेलकम के लिए टूरिस्टों की चित्तौड़गढ़ में अच्छी खासी संख्या उमड़ने लगी है। अब कई राज्यों के पर्यटक अपने टूर में चित्तौड़गढ़ को शामिल करने लगे हैं। विंटर वेकेशन और न्यू ईयर सेलिब्रेशन वीक होने के कारण टिकट वाले पर्यटकों का आंकड़ा 7 हजार क्रॉस कर चुका है।
यहां इस साल जनवरी महीने के पहले दिन से ही पर्यटकों का बड़ी संख्या में आना शुरू हो चुका है। बीते 8 से 9 दिनों में लगभग 50 हजार पर्यटक दुर्ग पर आ चुके है। रात में भी दिखी गाड़ियों की लंबी लाइन
चित्तौड़गढ़ पिछले महीने के 25 दिसंबर से विंटर वेकेशन के कारण पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। हाल यह हो गया कि 1 जनवरी तक रात के 11 बजे तक भी गाड़ियों की लंबी लाइन फोर्ट पर नजर आई। चित्तौड़गढ़ में नाइट टूरिज्म नहीं होने के कारण टिकट काउंटर भी अंधेरा होने से पहले बंद हो जाता है। उसी के साथ मुख्य स्मारकों पर जाने की भी पाबंदी लग जाती है।
लेकिन दुर्ग पर दीपावली की रात को छोड़कर अमूमन कभी भी रात को इतनी गाड़ियां नजर नहीं आई। न्यू ईयर की सुबह भी ओछड़ी गेट से ही गाड़ियों की लंबी लाइन देखी गई थी। गुरुवार सुबह का भी यही हाल रहा। मुख्य स्मारकों तक में प्रवेश के लिए लंबी लाइनें और दुर्ग मार्ग पर जाम के हालात बन गए है। 3 दिन में 18,995 पर्यटक आए
इन दिनों चित्तौड़गढ़ का मौसम भी अनुकूल होने से सिर्फ बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि बिना टिकट के लोकल लोग भी दुर्ग पर जाना पसंद कर रहे है। सिर्फ 3 दिनों 30 दिसंबर, 31 दिसंबर और 1 जनवरी में ही 18 हजार 995 पर्यटक दुर्ग पर आ चुके है। इनमें 18,797 देसी और 198 विदेशी पर्यटक शामिल है। इसके अलावा लोकल लोग की संख्या अलग है। जबकि पिछले साल इन 3 दिनों का आंकड़ा कम ही था। हालांकि यह सिर्फ वही आंकड़े है, जिन्होंने टिकट लिए है। इससे दुगुनी संख्या के ऐसे पर्यटक भी है जो टिकट नहीं लेते है। अब तक आ चुके है 60 हजार से ज्यादा पर्यटक
इधर, 8 से 9 दिनों का आंकड़ा देखे तो 48 हजार 349 पर्यटक आ चुके है। पिछले कुछ सालों में चित्तौड़गढ़ दुर्ग को लेकर काफी क्रेज बढ़ा है। खासकर युवाओं में यह क्रेज ज्यादा देखने को मिलता है। युवा अब यहां अलग अलग रिल्स भी बनाते हुए देखे गए है। 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक 48,349 पर्यटक आ चुके है। इसमें 47,896 देसी और 453 विदेशी पर्यटक शामिल है। अगर लास्ट के मुख्य 3 दिनों को घटा दिया जाए तो सिर्फ 6 दिनों में 29 हजार 354 पर्यटक आ चुके है। आजकल अलसुबह से अलग-अलग जगहों से आए गाड़ियों की शहर में एंट्री शुरू हो जाती है। यह क्रम शाम तक जारी रहता है। अतिरिक्त पुलिस बल लगाया
भीड़ इतनी है कि व्यू पाइंट, तोपखाना, कुंभामहल, मीरा मंदिर, संग्रहालय, विजय स्तंभ, गोमुख, समिद्धेश्वर मंदिर, पदमिनी महल, सूरजपोल जैसी जगहों में पर्यटक एक दूसरे से टकराते हुए निकल रहे हैं। रास्ते में जाम की स्थिति बन रही है। क्योंकि 95 प्रतिशत घरेलू पर्यटक हैं जो खुद की गाड़ियां लेकर आ रहे हैं। दुर्ग चौकी के अलावा ट्रैफिक पुलिस और कोतवाली थाने के जवान भी बढ़ाए गए। राजस्व आय भी बढ़ी
पर्यटक टिकट से ASI की प्रतिदिन राजस्व आय ढाई से साढ़े तीन लाख तक हो रही है। इन दिनों में अभी तक का अनुमानित एएसआई को लगभग 19 लाख 33 हजार 960 रुपए की राजस्व आय हो चुकी है। आरटीडीसी भी लाइट एंड साउंड के 2 शो चला रही है। गाइड, फोटोग्राफर, ऑटो वाले, ऊंट, घोड़े वाले, चाय, नाश्ता सेंटर, फैंसी आइटम वाले भी रोजगार से खुश हैं। देसी पर्यटकों की संख्या बढ़ी
चार साल पहले तक दिसंबर में विदेशी पर्यटक भी खूब आते थे। कोरोना के फैलने से हुए बंद के बाद विदेशी पर्यटकों का आना कम हुआ है। उनका वापस आना शुरू जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी वो संख्या शुरू नहीं हुई। पदमावत फिल्म के बाद घरेलू पर्यटक बढ़ रहे। पहले गुजराती, बंगाली और मराठी पर्यटक ही ज्यादा आते थे। अब इनके साथ राजस्थान, मप्र, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, बिहार आदि प्रदेशों के पर्यटक भी खूब आने लगे। अब हर शुक्रवार को भी पैलेस ऑन व्हील्स भी आती है, जिसमें विदेशी और NRI पर्यटक भी आते है।


