तीन बार गाड़ी से रौंदा,लाइट जलाकर देखा मरा की नहीं:अशोकनगर में ‘ठाकुर’ कहने पर वारदात; भाई बोला- आरोपी खुद को शहंशाह कहता था

अशोकनगर में ‌गुरुवार रात `ठाकुर` कहने को लेकर हुई बहस में एक युवक की पिकअप से रौंदकर हत्या कर दी गई। इस मामले का एक चश्मदीद सामने आया है। उसका कहना है कि आरोपी ने तीन बार युवक को गाड़ी से रौंदा था। मरने की पुष्टि करने के लिए आरोपी ने पिकअप की लाइट जलाकर देखा था कि वो मरा या नहीं। इसके बाद आरोपी तेजी से गाड़ी चलाते हुए गांव की तरफ निकल गया। वारदात आरोन रोड स्थित मलखेड़ी तिराहे की है। पुलिस ने मृतक गोलू के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मलखेड़ी निवासी गोलू पिता कुंदन सिंह कोरी (35) का इटवा के रहने वाले सौरभ अहिरवार से विवाद हुआ था। इस दौरान वहां बैठे भूरा और सोहेल ने बीच-बचाव किया था। इस मामले में घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद भूरा खान से भास्कर ने पूरा घटनाक्रम जाना। पढ़िए चश्मदीद भूरा खान की जुबानी पूरी कहानी… आरोपी बोला- तू ठाकुर नहीं तो मैं ठाकुर हूं
मैं और मेरा छोटा भाई रात आठ बजे के लगभग आग ताप रहे थे। इतने में गोलू भी हमारे पास आकर बैठ गया। पांच मिनट बाद सौरभ गाड़ी लेकर आया और मुझसे बात करने लगा। इसके बाद सौरभ ने कहा- गाेलू ठाकुर भी ताप रहो है का। इस पर गोलू ने कहा मैं ठाकुर नहीं कोरी हूं। जिसके जवाब में सौरभ ने कहा तू ठाकुर नहीं है तो मैं ठाकुर हूं। इसके बाद गोलू बोला कि मैं तुझे भी जानता हूं, तू ठाकुर नहीं …#…#.. है। इतने में इनके बीच हाथापाई होने लगी। मैंने और मेरे भाई ने इन्हें दूर-दूर करके सौरभ को गाड़ी में बिठा दिया। इसके बाद गोलू कहता है कि थोड़ा तापकर अपन घर चल रहे हैं। गाड़ी से रौंदने के बाद आरोपी गांव तरफ चला गया
पहले गाड़ी चढ़ाने के बाद रिवर्स की और इसके बाद फिर से गाड़ी चढ़ा दी। ऐसे में तीन बार उसके ऊपर से गाड़ी निकाली। सौरभ ने लाइट जलाकर देखा कि वह मरा या नहीं। इसके बाद तेजी से गांव की तरफ चला गया। भाई को बोलकर घर के लोगों को बुलवाया फिर गोलू को अस्पताल में भर्ती करवाया था। सरकारी अस्पताल में दिखाने के बाद डॉक्टरों ने बोला कि गोलू खत्म हो गया है। पैर, छाती पर चोट के निशान थे। सिर के ऊपर से भी पहिया निकला था। टायर के निशान थे। नाक, मुंह, कान से खून निकल रहा था। पूरा चेहरा कुचल गया था। गोलू के शरीर पर जहां पहिया चढ़ा था उस जगह की खाल भी निकली थी। बहुत बुरी तरह से कुचला गया था। ग्रामीण बोले-शराब पीकर विवाद करता था सौरभ
मलखेड़ी के ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी सौरभ अहिरवार नशे का आदी है। पहले भी गांव में लड़ाई-झगड़ा करता रहता था। वह अपने आप को ठाकुर दिखाने का प्रयास करता था और अकड़ में रहता था। गांव के लोगों ने बताया कि मृतक गोलू कोरी और आरोपी सौरभ अहिरवार एक दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों अलग-अलग गांव के हैं, लेकिन दोनों के घरों की दूरी महज 700 मीटर है। हालांकि, उनमें दोस्ती नहीं थी। उम्र का भी काफी अंतर था। गोलू की उम्र 35 साल के करीब होगी, जबकि आरोपी सौरभ 20-21 साल का है। पहले भी गाड़ी से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पिकअप वाहन को तेजी और लापरवाही से भी चलाता था, जिसके कारण दो-तीन घटनाएं हुई हैं। एक बार उसने कान्हा ढाबे के सामने तेज रफ्तार गाड़ी के अचानक से ब्रेक लगा दिए थे, जिससे एक बाइक पीछे से टकरा गई थी जिसकी वजह से भूरा खेड़ी गांव के व्यक्ति की मौत हो गई थी। वह हादसा भी उसने जानबूझकर किया था। हालांकि इस मामले में बच गया था। पैसा नहीं है फिर भी शहंशाही दिखाता था सौरभ
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी सौरभ के पास पैसा ज्यादा नहीं है। वह पिकअप वाहन को किराए पर लेकर अपने घर का काम चलाता था। कम पैसा होने के बाद भी ग्रामीणों को यह दिखाने का प्रयास करता था कि वह पैसे वाला है। वह खुद को शहंशाह बोलता था। उसे लगता था कि गांव में इस तरह से बर्ताव करेगा तो उसका दबदबा बना रहेगा। पिता-भाई सहित महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल
गोलू की मौत के बाद घर पर मातम का माहौल है। सड़क किनारे घर पर 10-12 लोग बैठे हुए थे। यहां पिता-भाई सहित महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। बता दें कि मलखेड़ी गांव में लगभग 25 से 30 घरों की बस्ती है इस गांव में प्रजापति और मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर एक घर अहिरवार समाज का है, बाकी कोई भी ठाकुर वर्ग या अन्य समाज का नहीं रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी सौरभ का घर गांव इटवा से 500 मीटर दूर है। उस गांव में सभी अहिरवार समाज के लोग रहते हैं। उस गांव में भी कोई ठाकुर या अन्य समाज के लोग नहीं है। इसके बाद भी ठाकुर कहने पर विवाद हो गया। 12 साल पहले हुई थी गोलू की शादी
गोलू ने कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की थी, इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। वह मजदूरी करता था। उसकी शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 9 साल का है जो पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा 3 साल का है। बच्चों को तो अभी तक यह समझ ही नहीं आ रहा है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं है। जहां सभी परिजन मातम मना रहे हैं तो दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल-कूद रहे हैं।

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