शहर की बड़ी पर्यावरणीय समस्या माने जा रहे ट्रेचिंग ग्राउंड के लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए लिगेसी वेस्ट निस्तारण प्लांट का शुभारंभ किया गया। इस प्लांट के माध्यम से आगामी तीन से चार माह में करीब ढाई लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि ट्रेचिंग ग्राउंड में वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट एक गंभीर चुनौती बना हुआ था। लंबे समय से इसके निस्तारण के प्रयास किए जा रहे थे, जिसके तहत अब प्लांट की स्थापना कर काम शुरू भी कर दिया गया है। प्लांट के संचालन से न केवल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। आयुक्त ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 25 से 30 हजार वर्ग मीटर भूमि खाली हो जाएगी। इस खाली भूमि पर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किए जाने की योजना है, जिससे क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ट्रेचिंग ग्राउंड में शेष बचे लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए स्थानीय निकाय विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है। आगामी समय में पूरे कचरे के निस्तारण के बाद शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। गौरतलब है कि शहर का पूरा कचरा इकटठा होकर ट्रेचिंग ग्राउंड ही जाता है। यहां पर कचरे के बडे बडे पहाड बने हुए है। वहीं आए दिन आग की घटना से धुआं उठता रहता है। जिससे इलाके के पास रहने वाले लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बना हुआ था। निगम ने किया 95 प्रतिशत से अधिक परिवादों का निस्तारण
राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर नगर निगम में आयोजित शहरी सेवा समाधान शिविर में नागरिकों के 95 प्रतिशत से अधिक परिवादों का समाधान किया गया। शिविर के माध्यम से आमजन को अधिकतम राहत प्रदान करने के प्रयास किए गए। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शहरी समस्या समाधान शिविरों का आयोजन 16 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक किया गया। इस दौरान शहर के 100 वार्डों के लिए अलग-अलग तिथियों पर शिविर आयोजित किए गए परन्तु सुविधा की दृष्टि नागरिकों को किसी भी दिन आने की भी छूट प्रदान की गई।


