पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत तीन लाख रुपये खर्च कर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण तीन सालों पहले किया गया था। जब शौचालय बन रहा था तब तय हुआ था कि इसका निर्माण पंचायत में ही बने व्यवसायिक काम्पलेक्स के पास किया जाएगा, लेकिन जब शौचालय के लिए राशि आई तो इसका निर्माण मुरूम डबरे के पास करवा दिया। जिस स्थान पर शौचालय बना है वहां पानी जमा होता है। ऐसे में शौचालय बनने के बाद से इसका उपयोग गांव के लोग नहीं कर पाए हैं। साल के ज्यादातर महीनों में शौचालय और इसके आसपास के डबरे में पानी जमा रहता है। सार्वजनिक शौचालय के न होने से लोग खुले में शौच कर रहे हैं। पंचायत के जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे लोगों की सुविधा के अनुसार नए शौचालय का निर्माण करवा दें।


