भास्कर न्यूज | नर्मदा वनांचल क्षेत्र में विकास के दावों की हवा निकल गई है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान के तहत ग्राम पंचायत शृंगारपुर के आश्रित ग्राम तुमड़ादाह में एक करोड़ सोलह लाख इक्यासी हजार रुपए की लागत से बनी 1.700 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है। अभी से सड़क उखड़ने लगी है ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ने लगा है। उप सरपंच साधुराम धुर्वे और भगवान सिंह पोर्ते ने आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार मेमर्स केआर इन्फ्रास्ट्रक्चर दुर्ग ने सड़क निर्माण में अनियमितता बरती है। तकनीकी मापदंडों को ताक पर रखा गया है। सड़क की मोटाई महज एक से दो इंच की पतली परत बिछाकर काम पूरा किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार पूरी लंबाई में सिर्फ दो से तीन डंपर मिक्स मटेरियल का ही उपयोग किया गया है। सड़क के अधिकांश हिस्से अभी से उखड़ रहे हैं। विभाग की शून्य मॉनिटरिंग से बढ़ी परेशानी ग्रामीणों के अनुसार वनांचल के 170 बैगा आदिवासियों के बेहतर भविष्य के लिए भेजी गई राशि को स्थानीय स्तर पर विभागीय लापरवाही और घटिया निर्माण ने चूना लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी ठाकुरटोला से लावतारा मार्ग के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ था और पांच साल की गारंटी का बोर्ड लगाने के बाद ठेकेदार ने पलट कर नहीं देखा। विभाग की शून्य मॉनिटरिंग के चलते यह हाल है। जांच कराई जाएगी एसडीएम अविनाश ठाकुर ने बताया कि मीडिया से जानकारी मिली है, संबंधित विभाग को भेजकर जांच कराएंगे। गड़बड़ी पाया जाता है तो प्रतिवेदन भेजकर कार्यवाही के लिए कहा जाएगा। मैंने भी देखा है: साहू जनपद सदस्य प्रेम लाल साहू ने बताया कि मामला मेरे जनपद क्षेत्र का है, बैगापारा के निवासियों ने शिकायत की थी, मैंने भी देखा है, 1 करोड़ से अधिक की लागत वाली सड़क में गड़बड़ी की गई है।


