सुकमा जिले के तेंदूपत्ता घोटाले में ईओडब्ल्यू ने शनिवार को निलंबित डीएफओ IFS अशोक पटेल को कोर्ट में पेश किया गया। कस्टोडियल रिमांड खत्म होने के बाद DFO को कोर्ट में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान EOW की ओर से अशोक पटेल की फिर से पूछताछ कस्टोडियल रिमांड मांगी गई। दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने निलंबित DFO पटेल को 28 अप्रैल तक EOW को पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। बता दे कि सुकमा के वन विभाग अधिकारी अशोक कुमार पटेल और अन्य अफसरों पर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। क्या है पूरा मामला सुकमा के वन विभाग अधिकारी अशोक कुमार पटेल और उनके साथियों पर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। यह घोटाला वर्ष 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता सीजन से जुड़ा है, जिसमें करीब 7 करोड़ रुपए की राशि संग्राहकों को दी जानी थी। अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर बड़ी रकम खुद रख ली और संग्राहकों तक पैसा नहीं पहुंचा। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस राशि का कुछ हिस्सा पूर्व विधायक मनीष कुंजाम और कुछ पत्रकारों को भी दिया गया था। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (EOW/ACB) ने अशोक कुमार पटेल और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया। 8 अप्रैल 2025 को एफआईआर दर्ज होने के बाद 10 अप्रैल को छापेमार कार्रवाई की गई है। छापेमारी में क्या-क्या मिला पिछले दिनों छापेमारी में ACB-EOW को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों की जानकारी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह रही कि डीएफओ ऑफिस के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नगद मिले।


